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मेहनत की कमाई बैंक में फंसी, कई दिनों से समाधान की आस में भटक रहा ग्राहक” बैंक ऑफ़ बड़ोदा सारंगढ़ की मनमानी से परेशान: सोहन लाल

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सारंगढ़ संवाददाता – अशोक मनहर
सारंगढ़ -बिलाईगढ़ :- सारंगढ़ में बैंक ऑफ बड़ौदा की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम बलौदी निवासी सोहन भास्कर पिछले कई दिनों से अपने ही बैंक खाते को चालू कराने के लिए बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान होने के बजाय उन्हें हर बार नए बहाने बताकर लौटा दिया जा रहा है। पीड़ित का आरोप है कि बैंक अधिकारी उनके खाते पर “साइबर होल्ड” होने की बात कहकर उन्हें लगातार टाल रहे हैं, जबकि इस संबंध में उन्हें कोई लिखित आदेश या दस्तावेज तक नहीं दिखाया गया। सोहन भास्कर ने बताया कि वे चेन्नई में कुक का काम करते हैं और अपनी मेहनत की कमाई अपने परिवार के खर्च के लिए बैंक खाते में भेजते हैं। खाता होल्ड होने के कारण उनकी मेहनत की कमाई बैंक में फंस गई है। उनकी पत्नी और बच्चे आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि परिवार के सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन बैंक उनकी परेशानी समझने के बजाय केवल चक्कर लगवा रहा है।
पीड़ित के अनुसार, जब बैंक से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी जानकारी ली। वहां उन्हें बताया गया कि उनके नाम से किसी प्रकार की साइबर शिकायत या साइबर होल्ड की जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद बैंक अधिकारियों द्वारा खाता चालू नहीं किया जा रहा है। इससे बैंक की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि वास्तव में किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा खाते पर रोक लगाई गई है, तो बैंक ग्राहक को उसका आदेश या कारण क्यों नहीं बता रहा? और यदि ऐसी कोई रोक नहीं है, तो आखिर किस आधार पर एक आम आदमी को अपनी ही मेहनत की कमाई से वंचित रखा जा रहा है? क्या बैंक ग्राहकों को समय पर सही जानकारी देना अपनी जिम्मेदारी नहीं समझता? एक ओर सरकार डिजिटल बैंकिंग और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर यदि एक खाताधारक को अपने ही पैसे तक पहुंचने के लिए दिनों तक बैंक के चक्कर लगाने पड़ें, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि बैंक प्रबंधन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए पीड़ित को राहत देता है या फिर उसे इसी तरह भटकना पड़ता है।
समाचार प्रकाशित होने तक बैंक ऑफ बड़ौदा, सारंगढ़ शाखा का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। बैंक का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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