ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आज से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत हो गई है। 23 जुलाई से 2 अगस्त तक चलने वाले इस बहु-खेल आयोजन में 74 देशों और क्षेत्रों के 3,000 से अधिक एथलीट 1,168 पदकों के लिए मुकाबला करेंगे। भारत ने इस बार 125 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जिसमें 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी 8 प्रमुख खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
इस बार के खेल पिछले संस्करणों की तुलना में काफी छोटे पैमाने पर आयोजित हो रहे हैं। कार्यक्रम में केवल 10 खेल शामिल किए गए हैं, जबकि कई लोकप्रिय खेल जैसे क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और टेबल टेनिस को बाहर रखा गया है। यही कारण है कि भारत के लिए पिछली बार जैसी बड़ी पदक संख्या हासिल करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
पिछली बार भारत का प्रदर्शन कैसा रहा था?
बर्मिंघम 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 61 पदक जीते थे। इनमें 22 स्वर्ण, 16 रजत और 23 कांस्य पदक शामिल थे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। उस संस्करण में भारत के लिए कुश्ती, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, मुक्केबाजी और क्रिकेट जैसे खेलों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया था।
हालांकि 2026 में इनमें से कई खेल कार्यक्रम से बाहर हैं, इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का पदक आंकड़ा इस बार कम रह सकता है। भारतीय एथलेटिक्स महासंघ की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व अंतरराष्ट्रीय एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज ने लगभग 30 पदकों का लक्ष्य यथार्थवादी बताया है।
किन खिलाड़ियों से हैं सबसे ज्यादा उम्मीदें?
भारतीय दल की अगुवाई ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा करेंगे। उनके अलावा कई अनुभवी और युवा खिलाड़ी भारत की उम्मीदों का केंद्र हैं।
एथलेटिक्स
नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रो)
अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज)
ज्योति याराजी (हर्डल्स)
तेजस्विन शंकर (डेकाथलन)
भारोत्तोलन
मीराबाई चानू
अजय बाबू
हरजिंदर कौर
अन्य राष्ट्रीय चैंपियन खिलाड़ी
मुक्केबाजी
लवलीना बोरगोहेन
निशांत देव
जैस्मीन लांबोरिया
अमित पंघाल
जूडो
तुलिका मान
विजय कुमार यादव
लिन्थोई चानम्बम
लॉन बॉल्स
बर्मिंघम में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने वाली भारतीय महिला टीम के सदस्य फिर से पदक दोहराने के इरादे से उतरे हैं।
उद्घाटन समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व
भारतीय दल की ध्वजवाहक ओलंपिक पदक विजेता भारोत्तोलक मीराबाई चानू हैं, जबकि मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को बैटन बेयरर की जिम्मेदारी दी गई है।
भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती
इस बार खेलों से क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे भारत के पारंपरिक मजबूत खेल बाहर हैं। इन खेलों से भारत को हर संस्करण में बड़ी संख्या में पदक मिलते रहे हैं। इसलिए पदकों की संख्या भले कम हो, लेकिन उपलब्ध खेलों में स्वर्ण जीतना भारतीय दल का प्रमुख लक्ष्य रहेगा। �
The Times of India +1
2030 में भारत करेगा मेजबानी
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 2030 खेलों की मेजबानी भारत को सौंपी है। अहमदाबाद में होने वाले इन खेलों को लेकर अभी से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
भारत के खेल प्रेमियों की नजर अब नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू, लवलीना बोरगोहेन और अन्य स्टार खिलाड़ियों पर होगी। उम्मीद है कि सीमित खेलों के बावजूद भारतीय खिलाड़ी ग्लासगो में तिरंगे का मान बढ़ाते हुए देश को कई यादगार पल देंगे।







