बिहार में बाढ़ से लाखों प्रभावित, महाराष्ट्र के अंबोली में रिकॉर्ड बारिश; छत्तीसगढ़ में भी अगले दिनों बारिश बढ़ने के आसार
मानसून के अंतिम चरण में देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी, मध्य और कुछ पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी हुई हैं। 8 सितंबर को कई राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
सैटेलाइट तस्वीरों में बदला मौसम का पैटर्न
मौसम की मौजूदा स्थिति में देश के बड़े हिस्से में बादलों का फैलाव पहले की तुलना में कम दिखाई दे रहा है। हालांकि, जहां मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं, वहां स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और बादलों की गतिविधियां जारी हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून की वापसी से पहले इस तरह का उतार-चढ़ाव सामान्य रूप से देखा जाता है।
बिहार में बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित
बिहार में लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा की है। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 27 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में नदियां खतरे के निशान के आसपास या ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में परेशानी बढ़ी है। आने वाले दिनों में भी बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
अंबोली में चेरापूंजी से ज्यादा बारिश
महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग स्थित अंबोली में इस मानसून के दौरान अत्यधिक बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी घाट का यह इलाका भारी वर्षा के लिए जाना जाता है और मौजूदा बारिश ने एक बार फिर इसे चर्चा में ला दिया है। महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
छत्तीसगढ़ में 8 से 13 सितंबर तक बारिश का असर
छत्तीसगढ़ के लिए भी मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का संकेत दिया है। IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 8 से 13 सितंबर के बीच राज्य में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। 9 सितंबर के बाद कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना भी जताई गई है।
रायपुर समेत कई जिलों में बादल-बारिश
राजधानी रायपुर समेत मध्य और दक्षिणी छत्तीसगढ़ में मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। दिन में बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक वाले बादल बनने की संभावना है। बारिश के दौरान तापमान में भी कुछ गिरावट महसूस हो सकती है।
गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा। ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने पर पेड़, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा।
किसानों के लिए मौसम महत्वपूर्ण
छत्तीसगढ़ में सितंबर के इस दौर की बारिश खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि बहुत अधिक बारिश होने पर निचले इलाकों में जलभराव और खेतों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
मौसम का सार: देश के कई हिस्सों में मानसून अभी सक्रिय है। बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में भारी बारिश हो रही है और छत्तीसगढ़ में 8–13 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।







