सक्ती संवाददाता – दीपक ठाकुर
सक्ती (बाराद्वार)। सक्ती जिले की नगर पंचायत बाराद्वार एक बार फिर सुर्खियों में है। प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ियों के बाद अब अधोसंरचना मद से कराए जा रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड क्रमांक 1 और 2 में निर्माणाधीन नाली एवं सामुदायिक भवन के कार्यों में अनियमितता और गुणवत्ता से समझौता किए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। घटिया सामग्री के उपयोग और निर्माण में लापरवाही के कारण विकास कार्य शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गए हैं। इससे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पार्षद से बातचीत की रिकॉर्डिंग से उठे सवाल
महात्मा गांधी वार्ड क्रमांक 1 के एक जागरूक नागरिक ने जब वार्ड पार्षद से नाली निर्माण में कथित अनियमितता को लेकर सवाल किया, तो पार्षद ने भी निर्माण कार्य में गड़बड़ी की बात स्वीकार करने का दावा किया। नागरिक के अनुसार, पार्षद ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष को शिकायत भी की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस बातचीत की कथित कॉल रिकॉर्डिंग भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
इंजीनियर पर जवाब नहीं देने का आरोप
मामले में नगर पंचायत के इंजीनियर का पक्ष जानने के लिए स्थानीय एवं जिला स्तर के कई पत्रकारों ने संपर्क करने का प्रयास किया। आरोप है कि पहले इंजीनियर ने विभिन्न कारण बताकर जवाब देने से परहेज किया और बाद में कुछ पत्रकारों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए। इससे मामले को लेकर और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनता ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्यों में वास्तव में अनियमितता हुई है, तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते गुणवत्ता की जांच नहीं की गई तो सरकारी राशि का दुरुपयोग होगा और विकास कार्यों का लाभ आम जनता को नहीं मिल पाएगा।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी जिला प्रशासन सक्रिय हुआ था। कलेक्टर अमृत विकास टोपनो ने मामले में जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की बात कही थी। अब अधोसंरचना मद से हो रहे निर्माण कार्यों पर लगे नए आरोपों ने नगर पंचायत बाराद्वार की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना शेष है। संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।







