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रायपुर मे लव जिहाद का मामला – पहचान छिपाकर शादी करने और धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप

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रायपुर में एक युवती ने अपने पति पर पहचान छिपाकर प्रेम संबंध बनाने, शादी करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि युवक ने खुद को “सोनू” बताकर उससे दोस्ती की थी, जबकि शादी के बाद उसका वास्तविक नाम “सुफरान” होने की जानकारी मिली। मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई है और जांच जारी है।

क्या हैं युवती के आरोप?
पीड़िता के अनुसार दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदली और युवक ने शादी का प्रस्ताव रखा। युवती का आरोप है कि विवाह के समय उसे युवक की वास्तविक धार्मिक पहचान की पूरी जानकारी नहीं दी गई।
महिला का कहना है कि शादी के बाद पति ने उस पर बुर्का पहनने, नमाज पढ़ने और धार्मिक रीति-रिवाज अपनाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोप है कि मंदिर जाने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी। युवती ने यह भी दावा किया कि बच्चे के जन्म के बाद उसे कथित रूप से फिनाइल पिलाने की कोशिश की गई, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।

शादी के बाद खुली पहचान

शिकायत के अनुसार युवती को शादी के दौरान कुछ परिस्थितियों से संदेह हुआ था। बाद में उसे पता चला कि युवक ने अपनी पहचान और धर्म के संबंध में गलत जानकारी दी थी। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ा और मामला थाने तक पहुंच गया। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

छत्तीसगढ़ में ऐसे मामलों की स्थिति

छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पहचान छिपाकर संबंध बनाने, कथित धर्म परिवर्तन के दबाव या अंतरधार्मिक विवाह विवाद से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। हालांकि राज्य सरकार या पुलिस के पास केवल “लव जिहाद” अथवा पहचान छिपाकर विवाह के मामलों की कोई अलग आधिकारिक श्रेणी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह बताना कि अब तक ऐसे मामलों की कुल संख्या कितनी है, तथ्यात्मक रूप से संभव नहीं है।
हाल के महीनों में ऐसे मामलों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हुई है। इसी पृष्ठभूमि में राज्य में धर्मांतरण और अंतरधार्मिक विवाह से जुड़े नियमों पर भी चर्चा बढ़ी है।

पुलिस की अपील

कानून विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी पहचान, वैवाहिक स्थिति या धर्म के बारे में गलत जानकारी देकर विवाह करता है, तो पीड़ित पक्ष को तत्काल पुलिस में शिकायत करनी चाहिए। ऐसे मामलों में जांच के बाद ही आरोपों की सत्यता और कानूनी जिम्मेदारी तय होती है।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप अभी शिकायत और प्रारंभिक जांच का हिस्सा हैं। अंतिम सत्यता पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

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