श्रीनगर/देहरादून/शिमला। देश के पहाड़ी राज्यों में मानसून एक बार फिर मुश्किलें बढ़ा रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश तक लगातार बारिश के कारण सड़कें बाधित हो रही हैं, भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को भी फिलहाल रोक दिया गया है।
अमरनाथ यात्रा पर मौसम की मार
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और आने वाले दिनों में भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने 8 अगस्त से अमरनाथ यात्रा के नए जत्थों की आवाजाही रोक दी है। अधिकारियों के मुताबिक जम्मू से घाटी की ओर श्रद्धालुओं के नए जत्थे नहीं भेजे जा रहे हैं। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे की स्थिति और मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इस साल अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी और 28 अगस्त तक चलनी थी। शुक्रवार तक 4.75 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके थे। फिलहाल यात्रा मुख्य रूप से बालटाल मार्ग से संचालित हो रही थी, जबकि पहलगाम-नुनवन मार्ग पर ट्रैक मेंटेनेंस का काम चल रहा है।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम में सुधार और रास्तों की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा को दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
उत्तराखंड में अलकनंदा-मंदाकिनी खतरे के निशान के ऊपर
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश ने हालात मुश्किल कर दिए हैं। भारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गईं, जिसके बाद नदी किनारे बसे संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण प्रमुख सड़कों और हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
चारधाम और पहाड़ी क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों के लिए हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन और राहत एजेंसियों को संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट पर रखा गया है।
हिमाचल में भी लैंडस्लाइड और फ्लैश फ्लड का खतरा
हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण कई जिलों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। कुछ इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं और प्रशासन ने फ्लैश फ्लड के खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ाई है।
हालिया 24 घंटे में पांवटा साहिब में 75.8 मिमी, नैना देवी में 70 मिमी, धर्मशाला में 28 मिमी, पालमपुर में 15 मिमी, मनाली में 6 मिमी और नाहन में 4.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।
वहीं ताजा रिपोर्ट में धर्मशाला में 48.1 मिमी, मनाली में 22 मिमी, शिमला में 15 मिमी और मंडी में 12.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
IMD ने जारी किया भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 8 अगस्त के पूर्वानुमान के मुताबिक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 8 से 14 अगस्त के बीच 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है। हिमाचल में 8-9 अगस्त को कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। उत्तराखंड में 9-10 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
आगे और बिगड़ सकते हैं हालात
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड, अचानक बाढ़, सड़क बंद होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
अमरनाथ से लेकर चारधाम और हिमाचल के प्रमुख पर्यटन क्षेत्रों तक प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। मौसम साफ होने तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी जा रही है।
IMD: हिमाचल-उत्तराखंड में 7-11 सेमी तक भारी बारिश की संभावना; कुछ इलाकों में इससे काफी ज्यादा बारिश का अनुमान







