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SIM कार्ड नियम होंगे सख्त! 9 नंबर वालों की होगी फोटो से पहचान, नया SIM लेने से पहले होगा रियल-टाइम वेरिफिकेशन

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अगर आपके नाम पर एक से ज्यादा मोबाइल नंबर हैं या परिवार में अलग-अलग कंपनियों के कई SIM कार्ड इस्तेमाल किए जाते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने SIM कार्ड की तय सीमा को लेकर नियमों को और सख्त करने की तैयारी की है।

सरकार का यह कदम फर्जी SIM, साइबर  अपराध और मोबाइल नंबर के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। नए सिस्टम के तहत 9 SIM कार्ड की सीमा पूरी कर चुके लोगों की पहचान फोटो के जरिए भी की जाएगी।

मौजूदा नियम के मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रख सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में यह सीमा 6 SIM कार्ड की है।

अब DoT इस नियम को और सख्ती से लागू करने जा रहा है। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से ही तय सीमा के बराबर SIM हैं और वह एक और कनेक्शन लेने की कोशिश करता है, तो टेलीकॉम कंपनी उसकी पहचान की जांच करेगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, DoT ने 17 अगस्त को जारी सर्कुलर में टेलीकॉम कंपनियों को Digital Intelligence Platform (DIP) पर उपलब्ध फोटो का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है।

जिन ग्राहकों के नाम पर पहले से 9 SIM कार्ड दर्ज हैं, उनकी प्रतिनिधि फोटो 23 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियों को उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनियों को इन तस्वीरों को रोजाना डाउनलोड कर अपने सिस्टम में इस्तेमाल करना होगा।

इसका मकसद यह पता लगाना है कि तय सीमा पूरी कर चुका व्यक्ति दोबारा किसी अन्य नाम या कनेक्शन के जरिए अतिरिक्त SIM तो नहीं ले रहा है।

निर्देश के अनुसार, 24 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियों को जरूरी तकनीकी व्यवस्था करनी होगी। इसके जरिए 9 SIM की सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की पहचान की जाएगी और उन्हें बताया जाएगा कि निर्धारित सीमा खत्म होने के कारण नया SIM कनेक्शन नहीं दिया जा सकता।

शुरुआत में यह जांच D+1 यानी अगले दिन के आधार पर की जाएगी। इसके बाद DoT ने कंपनियों को 30 नवंबर तक इस व्यवस्था को रियल-टाइम सिस्टम में जोड़ने का निर्देश दिया है।

इसका मतलब है कि आगे चलकर SIM लेते समय सिस्टम तुरंत यह जांच सकेगा कि ग्राहक के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं।

गलती से ज्यादा SIM एक्टिवेट हुआ तो क्या होगा?

DoT ने यह भी निर्देश दिया है कि नई व्यवस्था लागू होने के दौरान अगर किसी व्यक्ति के नाम पर तय सीमा से ज्यादा SIM कार्ड गलती से एक्टिवेट हो जाता है, तो संबंधित कंपनी को उस अतिरिक्त कनेक्शन को तुरंत सस्पेंड करना होगा।

जब तक मामले की जांच और समाधान नहीं हो जाता, तब तक अतिरिक्त कनेक्शन पर रोक लगाई जा सकती है।

यह सीमा अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के नंबरों को मिलाकर लागू होती है। यानी अगर आपके पास Airtel, Jio, Vi और BSNL के SIM हैं, तो सभी नंबरों को मिलाकर तय सीमा देखी जाएगी।

एक व्यक्ति के नाम पर कितने SIM रख सकते हैं?

एक व्यक्ति अपने नाम पर देश के ज्यादातर हिस्सों में अधिकतम 9 SIM कार्ड रख सकता है। वहीं, जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में यह सीमा 6 SIM कार्ड की है। यह सीमा सभी टेलीकॉम कंपनियों के SIM को मिलाकर लागू होती है। यानी अलग-अलग कंपनियों के नंबर होने पर भी कुल संख्या तय सीमा से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

सरकार क्यों सख्त कर रही है नियम?

DoT लंबे समय से फर्जी SIM और मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए काम कर रहा है। कई मामलों में मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड, फर्जी पहचान और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जाता है।

ऐसे में सरकार चाहती है कि एक व्यक्ति के नाम पर मौजूद सभी मोबाइल कनेक्शनों की सही पहचान हो और कोई व्यक्ति तय सीमा से ज्यादा SIM लेकर उनका गलत इस्तेमाल न कर सके।

पहले से ज्यादा SIM हैं तो क्या होगा?

अगर किसी व्यक्ति के नाम पर पहले से तय सीमा से ज्यादा मोबाइल नंबर हैं, तो उसे अतिरिक्त नंबर सरेंडर करने पड़ सकते हैं। पुराने नियमों के तहत तय सीमा से ज्यादा कनेक्शन रखने पर अतिरिक्त नंबर बंद किए जा सकते थे।

अब नई फोटो वेरिफिकेशन व्यवस्था से कंपनियों के लिए अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और सर्विस एरिया में मौजूद नंबरों को एक ही व्यक्ति से जोड़कर पहचानना आसान हो जाएगा।

आम ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

अगर आपके नाम पर 9 या उससे कम SIM कार्ड हैं, तो सामान्य तौर पर इस बदलाव से कोई बड़ी परेशानी नहीं होनी चाहिए। परेशानी मुख्य रूप से उन लोगों के लिए हो सकती है जिनके नाम पर पहले से तय सीमा के बराबर या उससे ज्यादा मोबाइल कनेक्शन हैं और वे नया SIM लेना चाहते हैं।

DoT का मुख्य उद्देश्य आम ग्राहकों को परेशान करना नहीं, बल्कि SIM कार्ड के जरिए होने वाले फर्जीवाड़े और साइबर  अपराध पर लगाम लगाना है।

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