कोंडागांव, 20 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शिक्षक एकता मंच, कोंडागांव की महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्री रामचंद्र सोनवंशी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जिले के विभिन्न शिक्षक संगठनों के अध्यक्षों, प्रांतीय पदाधिकारियों एवं प्रमुख पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि ‘कोंडागांव जिला शिक्षक एकता मंच’ का वर्तमान स्वरूप पूरी तरह बरकरार रहेगा। सभी पदाधिकारी अपने-अपने मूल संगठन के निर्देशों का पालन करते हुए जिला स्तर पर एक मजबूत एवं प्रभावी समन्वय इकाई के रूप में शिक्षक हितों के लिए मिलकर कार्य करते रहेंगे।
चार महीने से जारी एकता की पहल
छत्तीसगढ़ शिक्षक एकता मंच की स्थापना के बाद कोंडागांव जिले द्वारा प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों को एक मंच पर लाने की पहल को शिक्षकों के बीच व्यापक समर्थन मिला है। सुकमा से सरगुजा, बिलासपुर से राजनांदगांव और महासमुंद सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों के शिक्षक साथियों ने इस पहल को शिक्षक एकता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना है।

कोंडागांव जिला शिक्षक एकता मंच पिछले चार महीनों से निरंतर प्रयासरत है। मंच का उद्देश्य विभिन्न शिक्षक संगठनों के बीच वैचारिक एवं संगठनात्मक समन्वय स्थापित करते हुए जिला स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए एक साझा और मजबूत आवाज तैयार करना है।
मंच ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कुछ वैचारिक मतभिन्नताओं एवं तकनीकी कारणों से गतिविधियों की गति प्रभावित जरूर हुई है, लेकिन शिक्षक हितों के प्रति प्रतिबद्धता और एकता की भावना पूरी तरह कायम है।
संगठन से ऊपर शिक्षक हित और जिला एकता
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि संगठनात्मक एवं राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर शिक्षकों के सुख-दुख में एक-दूसरे के साथ खड़ा होना ही जिला शिक्षक एकता मंच का प्रमुख उद्देश्य है। जिला स्तर की प्रशासनिक एवं शिक्षकीय समस्याओं के समाधान के लिए मंच एक साझा आवाज के रूप में कार्य करता रहेगा।
22 अगस्त की प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय बैठक स्थगित
अपरिहार्य कारणों के चलते 22 अगस्त 2026 को प्रस्तावित प्रदेश स्तरीय बैठक को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया गया। मंच ने प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों एवं उनके नेतृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए शिक्षक हितों के लिए चलाए जा रहे आंदोलनों को अपना समर्थन जारी रखने की बात कही।
मंच ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों संजय शर्मा जी (प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षक एसोसिएशन), केदार जैन जी (संयुक्त शिक्षक संघ), वीरेंद्र दुबे जी (प्रदेश अध्यक्ष, शालेय शिक्षक संघ) तथा संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक श्री रविंद्र राठौर जी के प्रयासों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
22 और 25 अगस्त के आंदोलनों में सहभागिता की अपील
कोंडागांव जिला शिक्षक एकता मंच ने शिक्षक साथियों से अपील की कि वे शिक्षक हितों से जुड़े आगामी आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।
- 22 अगस्त 2026: संघर्ष मोर्चा के प्रदेश संयोजक श्री रविंद्र राठौर जी के आह्वान पर आयोजित ब्लॉक स्तरीय ज्ञापन रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई।
- 25 अगस्त 2026: छत्तीसगढ़ शिक्षक मोर्चा द्वारा प्रस्तावित टीईटी (TET) मुक्ति रैली को सफल बनाने का आह्वान किया गया।
टीईटी, पेंशन और वेतन विसंगति प्रमुख मुद्दे
मंच ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1.80 लाख शिक्षकों का भविष्य किसी भी संगठनात्मक अथवा वैचारिक मतभेद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। शिक्षक हित सर्वोपरि रखते हुए सरकार के समक्ष प्रमुख मांगों को मजबूती से उठाना आवश्यक है।
प्रमुख मांगों में पदोन्नति में टीईटी की बाध्यता समाप्त करना एवं टीईटी से मुक्ति, पूर्ण पेंशन बहाली तथा वेतन विसंगति का समाधान शामिल है।
मंच ने दोनों प्रमुख मोर्चों एवं संगठनों के नेतृत्व से भी आग्रह किया कि वे आपसी आरोप-प्रत्यारोप से बचते हुए अपनी पूरी ऊर्जा शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने में लगाएं।
ये पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्री रामचंद्र सोनवंशी एवं प्रांतीय प्रवक्ता श्रीमती नेमी पांडे सहित जिला स्तर के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिला नेतृत्व में सुभाऊ नेताम (जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ संकुल शैक्षिक समन्वयक शिक्षक संघ), निर्मल शार्दूल (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ), मन्नाराम नेताम (टीचर एसोसिएशन), कौशल नेताम (जिला अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ), मदन राठौड़ (जिला अध्यक्ष, सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन) सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
इसके अलावा रामदेव कौशिक (महासचिव, संकुल समन्वयक शिक्षक संघ), मयाराम उईके (सलाहकार, संकुल समन्वयक शिक्षक संघ) तथा कोंडागांव जिले के समस्त ब्लॉक अध्यक्ष एवं पदाधिकारीगण भी बैठक में उपस्थित रहे।
बैठक का समापन शिक्षक एकता, आपसी समन्वय और शिक्षक हितों के लिए सामूहिक संघर्ष को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।






