संवाददाता – राजेन्द्र जायसवाल
जिला सक्ती, 22 अगस्त 2026। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को देखते हुए सक्ती पुलिस द्वारा आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक सक्ती श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर भापुसे के मार्गदर्शन में संचालित साइबर जागृति अभियान के तहत 22 अगस्त को थाना बाराद्वार क्षेत्र स्थित एशियन वर्ल्ड स्कूल में साइबर जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं सहित उपस्थित लोगों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेशभर में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक विशेष साइबर जागृति अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है।
OTP और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की दी सलाह
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से समझाया कि OTP, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी, बैंक खाता विवरण, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइटों से एप्लीकेशन डाउनलोड करने तथा अनजान APK फाइल इंस्टॉल करने से भी बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान अथवा विदेशी नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल को रिसीव करने से भी सावधानी बरतनी चाहिए।

‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर डराने वालों से रहें सावधान
साइबर जागरूकता कार्यक्रम में ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर होने वाली ठगी को लेकर भी विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को सचेत किया गया। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सरकार या पुलिस द्वारा किसी व्यक्ति को इस तरह ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं किया जाता। यदि कोई व्यक्ति पुलिस अधिकारी, सीबीआई, ईडी या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर वीडियो कॉल अथवा फोन पर डराए और पैसे की मांग करे, तो ऐसे व्यक्ति के झांसे में नहीं आना चाहिए।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे घबराने के बजाय तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस ने बताया कि ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से धनराशि को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।
निरीक्षक नरेंद्र यादव ने भी किया जागरूक
कार्यक्रम में निरीक्षक नरेंद्र यादव ने भी साइबर अपराधों से बचाव के विभिन्न उपायों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दें।
साइबर जागृति अभियान के माध्यम से पुलिस का प्रयास है कि तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ नागरिकों में साइबर सुरक्षा की समझ भी मजबूत हो, ताकि जागरूकता के माध्यम से साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सके।







