नई दिल्ली। मानसून के मौसम में मौसमी फ्लू के मामलों में तेजी के बीच राजधानी दिल्ली में H1N1 यानी स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक दिल्ली में इस साल अब तक 2,300 से अधिक Influenza-A के मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 से ज्यादा मामले H1N1 के बताए जा रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी बढ़ा दी गई है।
IMA ने लोगों को किया सतर्क
H1N1 के बढ़ते मामलों के बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसमी फ्लू के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और स्थिति बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
किन लक्षणों को न करें नजरअंदाज?
स्वाइन फ्लू में आम तौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, सिरदर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मरीजों में संक्रमण गंभीर होकर निमोनिया या सांस से जुड़ी जटिलताओं का कारण भी बन सकता है।
बचाव के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य सलाह में लोगों को खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने, नियमित रूप से हाथ धोने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का इस्तेमाल करने और सांस संबंधी संक्रमण वाले लोगों के नजदीकी संपर्क से बचने की सलाह दी गई है। फ्लू जैसे लक्षण बने रहने या गंभीर होने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सावधानी और समय पर उपचार बेहद जरूरी है। दिल्ली के अस्पतालों को भी पर्याप्त दवाइयों, बेड और उपचार सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।







