-93 बच्चों के साथ मनाया रक्षाबंधन, फल-मिठाई व स्टेशनरी भेंट कर साझा की खुशियां | राष्ट्रगान के साथ लिया प्रेम और रक्षा का संकल्प
आरंग। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, अपनत्व और एक-दूसरे की रक्षा के संकल्प का पर्व है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए कल्पवृक्ष पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने गत वर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी कचहरी चौक, रायपुर स्थित बाल आश्रम पहुंचकर वहां निवासरत लगभग 93 बच्चों के साथ रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उत्साह के साथ मनाया।
विद्यालय के विद्यार्थियों के माता-पिता ने अपने बच्चों के माध्यम से आश्रम के बच्चों के लिए राखियां, फल, मिठाई, चॉकलेट, बिस्किट एवं स्टेशनरी सामग्री भेजी थी। इन सामग्रियों को लेकर शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों सहित लगभग 35 सदस्यीय दल बाल आश्रम पहुंचा। कल्पवृक्ष के बच्चों ने आश्रम के बच्चों की कलाई पर राखियां बांधीं और उन्हें उपहार सामग्री भेंट की। इस दौरान बच्चों के बीच औपचारिकता की जगह आत्मीयता और भाईचारे का भाव देखने को मिला।

राष्ट्रगान ने बांधा भावनाओं का सेतु
कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण क्षण उस समय आया, जब बाल आश्रम में उपस्थित सभी बच्चों एवं कल्पवृक्ष की टीम ने एक स्वर में राष्ट्रगान गाया। राष्ट्रगान के पश्चात दोनों ओर के बच्चों के बीच ऐसा अपनत्व देखने को मिला कि मानो वे लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हों।
आश्रम के बच्चों ने कल्पवृक्ष के विद्यार्थियों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए एक-दूसरे की सदैव रक्षा, सहयोग और साथ देने का संकल्प लिया। इस आत्मीय मिलन से बच्चों में उत्साह, साहस और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ गया।
रक्षाबंधन के साथ अध्यात्म और संस्कृति की पाठशाला
बाल आश्रम में कार्यक्रम के पश्चात कल्पवृक्ष की टीम बच्चों को लेकर नवागांव स्थित प्राचीन महादेव मंदिर पहुंची। सावन के पवित्र महीने में बच्चों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और मंदिर परिसर में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंग, भैरव मंदिर, दशमहाविद्या देवी मंदिर, हनुमान परिवार एवं पारद शिवलिंग के दर्शन किए।
मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य श्री रामलखन अग्रवाल ने बच्चों को विभिन्न प्रकार के बिल्व पत्र एवं रुद्राक्ष के महत्व की जानकारी दी तथा प्रसादी प्रदान की। उन्होंने बच्चों को भारतीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक जानकारी प्राप्त कर बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए। बच्चों ने मंदिर परिसर में पर्याप्त समय बिताने तथा भविष्य में पुनः आने की इच्छा भी व्यक्त की।
“शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं” — विद्यालय प्रबंधन
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यपुस्तकों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों को संवेदनशील, संस्कारी, सहयोगी और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। बाल आश्रम के बच्चों के साथ रक्षाबंधन मनाने का उद्देश्य विद्यार्थियों में सेवा, समानता, प्रेम और अपनत्व की भावना विकसित करना है।
विद्यालय प्रबंधन ने इस आयोजन में सहयोग करने वाले सभी अभिभावकों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अभिभावकों द्वारा भेजी गई छोटी-छोटी सामग्रियों ने इस पर्व की खुशियों को और बड़ा बना दिया।
रक्षाबंधन के इस आयोजन में बच्चों ने न केवल राखी बांधी, बल्कि प्रेम, सेवा, संस्कार और भाईचारे का ऐसा संदेश दिया, जो उनके लिए लंबे समय तक एक यादगार शैक्षणिक अनुभव बना रहेगा।







