नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर में प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए दिल्ली समेत कई राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया है। यह मामला CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सुनवाई के लिए आया था।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली, असम, बिहार और पश्चिम बंगाल में छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि NEET पेपर लीक के विरोध और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के संबंध में अब छात्रों के खिलाफ नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यदि किसी राज्य में इसी मामले से जुड़ी ऐसी कोई FIR है जिसकी जानकारी अदालत को अभी नहीं दी गई है, तो उसे भी रद्द करने की मांग का राज्य विरोध नहीं करेंगे। अदालत ने निर्देश दिया कि इन घटनाओं से संबंधित अन्य FIR पर जांच आगे नहीं बढ़ाई जाए। सीजेआई ने बताया कि 20 से 25 जुलाई के बीच जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में हजारों छात्रों ने प्रदर्शन किया था, जिसके संबंध में पुलिस ने कुल 13 FIR दर्ज की थीं।
5 सितंबर का प्रस्तावित मार्च वापस
सुनवाई के दौरान CJP के को-कन्वीनर सौरव दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार के सकारात्मक रुख को देखते हुए संगठन 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च वापस ले रहा है।
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यदि दोनों पक्ष आपसी विश्वास के साथ आगे बढ़ें, तो सभी मुद्दों को एक-एक करके सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि खुले दिमाग से चर्चा की जाए तो दुनिया में कोई समस्या इतनी कठिन नहीं है कि उसका समाधान न निकाला जा सके।







