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चांपा में नशे के कारोबार पर पुलिस का बड़ा प्रहार

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-रेलवे स्टेशन के पास नशीली सिरप-टेबलेट की खेप के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग भी पकड़ाया

-150 कोडीन सिरप और 13,800 नशीली टेबलेट जब्त, करीब ₹64,950 का माल बरामद

जिला जांजगीर-चांपा 2 सितंबर 2026।

चांपा शहर में नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए नशे के सौदागरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्र के समीप नशीली सिरप और टेबलेट बेचने ग्राहक तलाश रहे दो युवकों को चांपा पुलिस एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान एक नाबालिग के पकड़े जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में जिले में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 150 नग कोडीन युक्त नशीली सिरप तथा 13,800 नग नशीली टेबलेट, कुल अनुमानित कीमत ₹64,950 बरामद की है।

मुखबिर की सूचना बनी कार्रवाई की कुंजी
पुलिस के अनुसार 1 सितंबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति चांपा रेलवे स्टेशन के पास आम रोड पर नशीली सिरप और टेबलेट बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना चांपा पुलिस ने साइबर थाना के सहयोग से तत्काल टीम गठित की और बताए गए स्थान पर घेराबंदी की।

पुलिस टीम ने श्याम होटल के पास दबिश देकर संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके बैग से बड़ी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद हुईं। इतनी बड़ी मात्रा में नशीली सिरप और टेबलेट की बरामदगी ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि शहर में नशे का यह नेटवर्क आखिर किस स्तर तक फैला हुआ है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।

नशे की खेप ने बढ़ाई चिंता
बरामदगी का आंकड़ा मामूली नहीं है। 150 सिरप और 13,800 टेबलेट का मिलना इस बात की ओर संकेत करता है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर पुलिस के सामने चुनौती गंभीर है। खासकर युवाओं और किशोरों को नशे के जाल में फंसाने वाले ऐसे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई बेहद जरूरी है।
पुलिस ने मामले में युवराज दास महंत निवासी यादव मोहल्ला चांपा तथा अमित गोपाल उर्फ रेशू निवासी कोरवापारा चांपा को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के विरुद्ध थाना चांपा में अपराध क्रमांक 457/26, धारा 21(C) NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

नाबालिग की संलिप्तता ने खड़े किए गंभीर सवाल

मामले में एक नाबालिग के पकड़े जाने की जानकारी विशेष रूप से चिंताजनक है। नशे के अवैध कारोबार में किशोरों का इस्तेमाल अथवा उनका इसकी गिरफ्त में आना समाज के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। ऐसे मामलों में केवल नशे की खेप पकड़ना पर्याप्त नहीं, बल्कि पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि नशीली दवाओं की आपूर्ति कहां से हुई, इन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इस नेटवर्क के पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
रेलवे स्टेशन बना नशे के सौदागरों का निशाना तो नहीं?

रेलवे स्टेशन और उसके आसपास का क्षेत्र यात्रियों, युवाओं और आम नागरिकों की लगातार आवाजाही वाला इलाका है। ऐसे स्थान पर नशीली दवाओं की बिक्री के लिए ग्राहक तलाशना चिंता का विषय है। पुलिस की इस कार्रवाई ने जहां तत्काल एक अवैध गतिविधि पर रोक लगाई है, वहीं यह भी जरूरी हो गया है कि रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी बढ़ाई जाए।

सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना जरूरी

नशीली दवाओं के खिलाफ कार्रवाई में सबसे बड़ी चुनौती केवल छोटे विक्रेताओं को पकड़ना नहीं, बल्कि सप्लाई चेन की पूरी कड़ी तक पहुंचना है। पुलिस यदि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नशीली दवाओं के स्रोत और संभावित खरीदारों तक पहुंचती है, तो यह कार्रवाई और अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।

चांपा पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि नशे के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस सतर्क है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि इस कार्रवाई से आगे जांच में नशे के कारोबार से जुड़े कितने और चेहरे सामने आते हैं।

संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय
पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी चांपा निरीक्षक अशोक वैष्णव, साइबर प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, उप निरीक्षक भवानी सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, सुनील सिंह, आरक्षक माखन साहू, गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, शहबाज खान, गौरीशंकर राय, ईश्वरी राठौर, नितीश विश्वकर्मा, श्याम राठौर सहित पुलिस स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
नशे के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई निश्चित रूप से राहत देने वाली है, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब नशीली दवाओं की इस सप्लाई लाइन के मूल स्रोत तक पुलिस पहुंचे और युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसे।

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