Home चर्चा में अब नहीं चलेगा बहाना! आखिर पोड़ीदलहा ही पड़ेगा जाना

अब नहीं चलेगा बहाना! आखिर पोड़ीदलहा ही पड़ेगा जाना

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-स्थानांतरण के बाद प्रशासनिक आधार पर एकतरफा कार्यमुक्त—प्राचार्य भुनेश्वर प्रसाद साहू को लेकर लंबे समय से उठ रहे थे सवाल

जिला जांजगीर-चांपा शिक्षा विभाग में पदस्थापना और कार्यमुक्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब एक ऐसा आदेश सामने आया है, जिसने पूरे मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भुनेश्वर प्रसाद साहू, प्रभारी प्राचार्य, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), जांजगीर को उनकी प्रतिनियुक्ति से वापस लेते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पौड़ीदल्हा, विकासखंड अकलतरा में 11 June 2026 को आदेश जारी कर पदस्थापना की गई, परंतु भुनेश्वर प्रसाद साहू कार्य मुक्त होने के बजाय 16 जून से 2 अगस्त तक लघु कृत अवकाश में रहे आश्चर्य की बात यह है कि 16 जून से 19 जून तक संस्था के नाम से उन्होंने घर से वित्तीय कार्य संपादित किया लगभग एक सप्ताह संस्था में रहने के बाद पुनः अवकाश पर बैठ गए लेकिन कार्य मुक्त होना आवश्यक नहीं समझा इस मध्य उन्होंने हाईकोर्ट में अपने स्थानांतरण को लेकर छत्तीसगढ़ शासन के विरुद्ध याचिका दायर की परंतु हाई कोर्ट से यह याचिका खारिज हो गई भुनेश्वर प्रसाद साहू ने प्राचार्य का प्रभार संभालने के बाद जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांंजगीर को विवाद का, भेदभाव का, शासकीय नियमों के विरुद्ध कार्य करने का केंद्र बना लिया था एकछत्र शासन करते हुए अपनी मनमानी कर रहे थे , ज्ञात हो संस्था की वरिष्ठ व्याख्याता रमा गोस्वामी को भुनेश्वर प्रसाद साहू ने अत्यंत प्रताड़ित किया इसके विरोध में रमा गोस्वामी ने हाई कोर्ट में अपील की थी जिसमें राज्य शासन ने जवाब दिया कि राज्य शासन ने भुनेश्वर प्रसाद साहू पर कार्यवाही करते हुए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर से स्थानांतरित कर दिया अंततः उन्नत शिक्षा संस्थान की प्रभारी प्राचार्य मनीषा वर्मा जी ने भुनेश्वर प्रसाद साहू को 3 सितंबर 2026 को एक तरफा कार्य मुक्त करने का आदेश जारी किया।

दस्तावेज में स्पष्ट उल्लेख है कि छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के आधार पर उन्हें प्रशासनिक आधार पर पौड़ीदल्हा स्थानांतरित किया गया है।

मेडिकल छुट्टियों को लेकर भी उठते रहे सवाल

भुनेश्वर प्रसाद साहू के संबंध में लंबे समय से बार-बार मेडिकल छुट्टी पर रहने और पदस्थापना से बचने की चर्चाएं सामने आती रही हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अलग से होना बाकी है, लेकिन अब जबकि विभाग ने प्रशासनिक आधार पर स्थानांतरण के बाद उन्हें एकतरफा कार्यमुक्त कर दिया है, तो स्वाभाविक रूप से यह सवाल उठ रहा है कि अब भुनेश्वर प्रसाद साहू के पौड़ी दलहा में कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर शासन क्या कदम उठाएगी।

शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की पदस्थापना और कार्यभार ग्रहण को लेकर नियम स्पष्ट हैं। ऐसे में प्रशासनिक आदेश के बाद कार्यमुक्ति की कार्रवाई को विभाग की ओर से एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रतिनियुक्ति खत्म, अब मूल पद पर लौटना होगा

जारी पत्र में साफ किया गया है कि श्री साहू की पदस्थापना प्रतिनियुक्ति से वापस लेते हुए उन्हें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पौड़ीदल्हा भेजा गया है। इसका सीधा अर्थ है कि डाइट में उनकी प्रतिनियुक्ति समाप्त कर उन्हें उनके नए पदस्थापन स्थल पर सेवाएं देनी होंगी।

इसमें एक पक्ष में विश्लेषण करना अत्यंत आवश्यक है शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पोड़ीदलहा प्राचार्य विहीन है परंतु भुनेश्वर प्रसाद साहू के इस प्रकार के गैर जिम्मेदारना व्यवहार से शासन की प्रत्येक स्कूल को व्यवस्थित करने का कदम भी चरमराया आशा है कि शनिवार 5 सितंबर 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पूरी दलहा को प्राचार्य मिल जाएगा भुनेश्वर प्रसाद साहू वहां कार्य भार ग्रहण कर लेंगे

एकतरफा कार्यमुक्ति ने बढ़ाई चर्चा
03 सितंबर को जारी कार्यमुक्ति आदेश में सिर्फ स्थानांतरण की बात नहीं है, बल्कि एकतरफा कार्यमुक्त किए जाने का उल्लेख है। यही बिंदु पूरे मामले को खास बनाता है। इससे यह संकेत मिलता है कि विभाग अब इस मामले में और अधिक इंतजार करने के मूड में नहीं है।

शिक्षा व्यवस्था में प्राचार्य जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी से यह अपेक्षा रहती है कि वह शासन के आदेशों का पालन करते हुए निर्धारित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करे। यदि किसी अधिकारी को वास्तविक स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो उसके लिए नियमानुसार चिकित्सा अवकाश और सक्षम स्तर पर स्वीकृति की व्यवस्था मौजूद है। लेकिन छुट्टी को पदस्थापना आदेश से बचने का माध्यम बनाया जा रहा है या नहीं, यह जांच का विषय हो सकता है।

अब निगाहें पौड़ीदल्हा पर
फिलहाल आदेश जारी हो चुका है और कार्यमुक्ति भी कर दी गई है। ऐसे में अब जांजगीर-चांपा जिले के शिक्षा विभाग और संबंधित विद्यालय से जुड़े लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भुनेश्वर प्रसाद साहू पौड़ीदल्हा में कब कार्यभार ग्रहण करते हैं।

बहानेबाजी के आरोपों और मेडिकल छुट्टियों की चर्चाओं के बीच अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया भुनेश्वर प्रसाद साहू जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान जांजगीर के कर्मचारी नहीं है

अब सवाल यह है कि शनिवार को वर्किंग डे में भुनेश्वर प्रसाद साहू कार्यभार ग्रहण नहीं करते हैं तो क्या शासन उनके विरुद्ध कार्यवाही करेगी

नोट: उपलब्ध दस्तावेज में स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति से वापसी और 03 सितंबर 2026 को एकतरफा कार्यमुक्त किए जाने की जानकारी स्पष्ट है। मेडिकल छुट्टियों से जुड़े आरोपों को स्वतंत्र दस्तावेज/रिकॉर्ड से सत्यापित किया जाना आवश्यक है।

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