बिलासपुर संवाददाता – योगेन्द्र राठौर
तारबाहर थाने में कथित बदसलूकी का मामला, CCTV फुटेज सुरक्षित कराने और स्वतंत्र जांच की मांग
बिलासपुर। शहर में पुलिसिंग के तौर-तरीकों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। सिटी कोतवाली CSP गगन कुमार पर अभद्र व्यवहार, अपमानजनक भाषा और धमकी देने का आरोप लगा है। NSUI छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव रोशन भास्कर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के मुताबिक, 18 सितंबर को रोशन भास्कर एक प्रकरण की जानकारी लेने तारबाहर थाना पहुंचे थे। इसी दौरान थाना प्रभारी के कार्यालय में मौजूद CSP गगन कुमार से उनकी मुलाकात हुई। रोशन भास्कर का आरोप है कि परिचय देने के बाद CSP ने उनके साथ कथित तौर पर रूखे और अपमानजनक अंदाज में बातचीत की।
“नेतागिरी करने आए हो?” कहकर कथित तौर पर किया अपमान
शिकायतकर्ता के मुताबिक, बातचीत के दौरान उन्हें कुर्सी से उठने के लिए कहा गया और कथित तौर पर नेतागिरी करने सहित अन्य असम्मानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। रोशन भास्कर का आरोप है कि उन्हें धमकीपूर्ण अंदाज में तत्काल वहां से चले जाने के लिए भी कहा गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके साथ मौजूद महिला के साथ भी कथित रूप से अनुचित व्यवहार किया गया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
CCTV फुटेज से सामने आ सकता है पूरा सच
मामले में शिकायतकर्ता ने घटना के समय का CCTV फुटेज सुरक्षित कराने, मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज करने और किसी स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से यह स्पष्ट हो सकता है कि थाने में वास्तव में क्या हुआ था।
आरोप सही मिले तो कार्रवाई की मांग
रोशन भास्कर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर आरोप सही पाए जाने पर CSP गगन कुमार के खिलाफ नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता की मांग है कि मामले की जांच केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे और CCTV समेत उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए।
अब सवाल यह है कि पुलिस विभाग इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या निष्पक्ष जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाती है? शिकायत के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।







