रायगढ़ घराने की परंपरा को किया जीवंत, शिव तांडव और कथक की विविध प्रस्तुतियों ने मोहा दर्शकों का मन
संवाददाता लक्ष्मी नारायण लहरे
सारंगढ़। राष्ट्रीय 41वें चक्रधर समारोह 2026 के सातवें दिन आयोजित रात्रिकालीन कार्यक्रम में मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, सारंगढ़ एवं शाखा रायगढ़ की कथक छात्रा आहाना अग्रवाल ने भारतीय शास्त्रीय कथक नृत्य की समृद्ध एवं गौरवशाली गुरु-शिष्य परंपरा का शानदार प्रदर्शन किया। आहाना ने रायगढ़ घराने की कथक शैली पर आधारित अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद संगीत प्रेमियों और कला के पारखियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान शिव की स्तुति से हुई। इसके बाद आहाना अग्रवाल ने रायगढ़ घराने की विशिष्ट शैली में पक्षी परन, आमद, तोड़े, टुकड़े एवं शिव तांडव जैसी प्रस्तुतियां दीं। तबले की थाप और घुंघरुओं की लय के साथ आहाना के भाव, पद संचालन एवं नृत्य की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को जीवंत कर दिया।
कथक नृत्य में पढ़ंत की संगत राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना एवं गुरु प्रीति वैष्णव ने की। वहीं गायन में लालाराम लोनिया, रायपुर, तबले में रुद्र वैष्णव एवं दीपक साहू तथा सितार पर प्राचार्य लीलाधर वैष्णव ने संगत प्रदान की।
गुरुजनों के निर्देशन में तैयार हुई प्रस्तुति
मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, सारंगढ़ एवं रायगढ़ शाखा के गुरु एवं प्राचार्य एल.डी. वैष्णव तथा उप प्राचार्य प्रीति रुद्र वैष्णव के निर्देशन में आहाना अग्रवाल ने राष्ट्रीय चक्रधर समारोह जैसे प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
आहाना की प्रस्तुति को उपस्थित कला प्रेमियों एवं संगीतज्ञों ने सराहा। संस्था के प्रमुख प्राचार्य एल.डी. वैष्णव, कला साधकों एवं वरिष्ठ गुरुजनों ने आहाना अग्रवाल को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।
मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय, सारंगढ़ एवं शाखा रायगढ़ के समस्त कला साधकों तथा छात्र-छात्राओं ने भी आहाना की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।







