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शक ने उजाड़ दिया पूरा परिवार: रायपुर में पत्नी और दो मासूम बेटों की हत्या, वारदात के बाद पति ने खुद को भी चाकू मारा

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रायपुर। राजधानी रायपुर के डूमरतराई इलाके से सामने आई दिल दहला देने वाली घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि रिश्तों में पैदा हुआ संदेह और अविश्वास किस हद तक परिवार को तबाही की ओर ले जा सकता है। माना थाना क्षेत्र के साहू पारा में एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटों पर चाकू से हमला कर दिया। तीनों की मौत हो गई। इसके बाद आरोपी पति ने खुद को भी घायल कर लिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पत्नी के चरित्र को लेकर शक और पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे अंतिम कारण नहीं माना है और घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच जारी है।

मृतकों में मां और दो मासूम बच्चे
मृतकों की पहचान खिलेश्वरी साहू और उनके दो बेटों आशीष साहू (10) तथा ज्ञान साहू (8) के रूप में हुई है। आरोपी पति भुनेश्वर साहू, उम्र करीब 34 वर्ष, घटना के बाद खुद भी घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार, घटना डूमरतराई के साहू पारा स्थित घर में हुई। विवाद के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पत्नी और दोनों बच्चों पर हमला किया। दोनों बच्चों की मौके पर मौत हो गई, जबकि महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आरोपी का अस्पताल में उपचार कराया जा रहा है।

(मृतका पत्नी)

घटना के पीछे क्या था विवाद?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। जांच में पत्नी के चरित्र को लेकर पति के संदेह की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस के मुताबिक आरोपी की हालत गंभीर होने के कारण उससे विस्तृत पूछताछ तत्काल संभव नहीं हो सकी है। इसलिए शक ही हत्या का अंतिम कारण था, यह जांच पूरी होने से पहले निश्चित तौर पर कहना जल्दबाजी होगी।
पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही है और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। FSL टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।

एक घर में तीन मौतें, चौथा सदस्य अस्पताल में
जिस घर में कुछ समय पहले तक परिवार साथ रह रहा था, वहां अब मातम पसरा है। पत्नी और दोनों बच्चों की मौत के बाद परिवार और आसपास के लोगों में शोक और सदमे का माहौल है।
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद कब शुरू हुआ, उसके पीछे क्या परिस्थितियां थीं और वारदात तक मामला कैसे पहुंचा।

सिर्फ रायपुर नहीं, शक से जुड़े कई मामले चिंता बढ़ाते हैं

रायपुर की यह घटना अकेली ऐसी घटना नहीं है जिसमें रिश्ते में पैदा हुए संदेह ने हिंसक रूप लिया हो। हाल के महीनों में छत्तीसगढ़ में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं।

सितंबर 2026 में रायपुर के सेमरिया गांव में पुलिस ने एक मामले में पत्नी और सौतेली बेटी की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस की प्रारंभिक जांच में चरित्र पर संदेह और पारिवारिक विवाद की बात सामने आई थी।

इसी तरह सितंबर में रायपुर के गनोद क्षेत्र में पुलिस ने एक व्यक्ति की हत्या के मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया था। प्रारंभिक जांच में पत्नी से कथित संबंध के संदेह को लेकर विवाद की बात सामने आई थी।

जून 2026 में मध्य प्रदेश के मुरैना में भी पत्नी और दो बच्चों की हत्या के मामले में मीडिया रिपोर्टों में पत्नी के चरित्र को लेकर पैदा हुए संदेह और लगातार विवाद का उल्लेख किया गया था।

इन मामलों से यह जरूर सामने आता है कि सिर्फ संदेह, आरोप या बिना पुष्टि की गई धारणा को रिश्तों में हिंसा का आधार बनाना कितना विनाशकारी हो सकता है।

शक रिश्ते बचाता नहीं, कई बार पूरा घर बर्बाद कर देता है
पति-पत्नी के रिश्ते की नींव विश्वास पर टिकी होती है। लेकिन जब किसी एक व्यक्ति के मन में लगातार यह संदेह पैदा हो जाए कि उसका साथी उसे धोखा दे रहा है, किसी और से संबंध रखता है या उसके चरित्र को लेकर सवाल उठाए जाएं, तो विवाद धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकता है।
सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब संदेह को तथ्य मान लिया जाता है और बिना प्रमाण के आरोप लगाए जाने लगते हैं।

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