देहरादून/लखनऊ/पटना। देश के कई हिस्सों में सितंबर के आखिर में बारिश का दौर एक बार फिर गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान के आसपास/ऊपर पहुंच गई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो रही हैं और चारधाम यात्रा भी प्रभावित हुई है। वहीं उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर है, जबकि बिहार में गंगा के बढ़े जलस्तर ने बाढ़ की चिंता बढ़ा दी है।
केदारनाथ मार्ग पर लैंडस्लाइड, हजारों यात्री रास्ते में फंसे
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश के बीच केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन हुआ है। मलबा और पत्थर सड़क पर आने से आवाजाही बाधित हुई और करीब 4,000 यात्रियों के फंसे होने की सूचना सामने आई है। प्रशासन ने यात्रियों को मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है।
इससे पहले भी केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन के कारण हजारों यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। प्रशासन की प्राथमिकता यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रखना और मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल करना है।
चारधाम यात्रा पर लगा ब्रेक
भारी बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। रुद्रप्रयाग प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रा न करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
राज्य के कई पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क पर मलबा आने, पत्थर गिरने और रास्ते बंद होने की स्थिति बनी हुई है। बद्रीनाथ-ऋषिकेश राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश के कारण मलबा आने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की सूचना है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता
लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आ रहे पानी के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा हुआ है। उत्तराखंड के साथ-साथ इसका असर आगे मैदानी क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।
बिहार में सितंबर के दौरान गंगा के जलस्तर में असामान्य वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्टों के मुताबिक पटना और भागलपुर समेत कई इलाकों में गंगा ने रिकॉर्ड स्तर तक पानी पहुंचाया और लंबे समय तक बाढ़ जैसी स्थिति बनी रही।
बिहार में गांवों और घरों पर बाढ़ का असर
बिहार में गंगा के अलावा कई सहायक नदियों के जलस्तर ने भी परेशानी बढ़ाई है। बाढ़ का पानी निचले इलाकों में फैलने से बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की स्थिति बनी है।
कुछ इलाकों में सैकड़ों घरों में पानी घुसने और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की नौबत आई है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क, आवागमन, बिजली और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार बिहार में बाढ़ का पैटर्न भी असामान्य रहा है। मानसून के शुरुआती हिस्से में बारिश कम रहने के बाद सितंबर में अचानक भारी बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने हालात बदल दिए।
उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से भारी नुकसान
उत्तर प्रदेश में भी पिछले दिनों से लगातार बारिश का दौर जारी है। 25 और 26 सितंबर को हुई भारी बारिश के दौरान राज्य के कई जिलों में जान-माल का नुकसान दर्ज किया गया।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार इन दो दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 56 लोगों की मौत और 46 लोगों के घायल होने की सूचना है। एक हजार से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचने की भी रिपोर्ट है।
बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, सड़क बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन अलर्ट
उत्तराखंड में भारी बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया था। प्रशासन ने संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में लोगों और यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। कई जिलों में स्कूलों को भी बंद रखा गया है।
पहाड़ों में यात्रा करने वालों के लिए विशेष सावधानी
मौसम साफ होने तक संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर यात्रा से बचने की सलाह।
भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में वाहन न रोकने की अपील।
प्रशासन और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
चारधाम यात्रियों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह।
नदी और नालों के किनारे जाने से बचने की चेतावनी।
एक साथ कई राज्यों में बारिश बनी चुनौती
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड और सड़क बंद होने, उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जनहानि और मकानों को नुकसान, जबकि बिहार में गंगा के बढ़े जलस्तर और बाढ़ ने प्रशासन के सामने अलग-अलग चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा फोकस प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, सड़क मार्ग खोलने और नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी बनाए रखने पर है। मौसम में सुधार होने तक पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी बताया जा रहा है।







