अधिकारियों द्वारा सघन मुआयना: खंड शिक्षा अधिकारी सुश्री भवानी पुनेम और खंड स्रोत समन्वयक नितेश सिंह ने विभिन्न साक्षरता केंद्रों का किया निरीक्षण
पुनर्वास केंद्र की सराहनीय भागीदारी: गीदम स्थित नक्सली पुनर्वास केंद्र के असाक्षरों ने भी परीक्षा में शामिल होकर शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़ने का दिया प्रेरक संदेश।
भावुक व प्रेरक दृश्य: आरती व तिलक लगाकर हुआ परीक्षार्थियों का आत्मीय स्वागत; दूधमुंहे बच्चों को गोद में लेकर परीक्षा देने पहुंचीं महिला शिक्षार्थी।
नितेश अधिकारी/गीदम (दंतेवाड़ा): विकासखंड गीदम के विभिन्न साक्षरता केंद्रों में ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत आयोजित महापरीक्षा शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं अत्यंत उत्साहवर्धक माहौल में संपन्न हुई। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे नवसाक्षरों का भारतीय परंपरा के अनुसार आरती उतारकर और रोली-तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।

इस महापरीक्षा की सबसे खास और प्रेरणादायी बात यह रही कि गीदम स्थित नक्सली पुनर्वास केंद्र में निवासरत असाक्षरों ने भी बढ़-चढ़कर परीक्षा में हिस्सा लिया। बंदूक छोड़ विकास और समाज की मुख्यधारा में लौटे इन शिक्षार्थियों ने कलम थामकर साक्षर बनने की ओर मजबूत कदम बढ़ाया। इसके साथ ही, शिक्षा के प्रति महिलाओं की लगन देखते ही बनी, जहाँ कई शिक्षार्थी अपने दूधमुंहे बच्चों को गोद में लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचीं और पूरे ध्यान के साथ अपना पर्चा हल किया।
परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष और व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) सुश्री भवानी पुनेम एवं खंड स्रोत समन्वयक (BRC) नितेश सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बैठक व्यवस्था व प्रश्न-पत्र वितरण का जायजा लेते हुए परीक्षार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें साक्षरता के महत्व से अवगत कराया।
निरीक्षण के दौरान सभी केंद्रों पर केन्द्राध्यक्ष एवं केंद्र प्रभारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते नजर आए। वहीं इस पूरे महाभियान को सफल बनाने में स्वयंसेवी शिक्षकों (Volunteers) ने अत्यंत सराहनीय व अहम भूमिका निभाई, जिनके निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग से बड़ी संख्या में शिक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए।







