Home चर्चा में आत्मानंद विद्यालय में बच्चों की थाली में जहर, ठेकेदार परोस रहे सड़ी...

आत्मानंद विद्यालय में बच्चों की थाली में जहर, ठेकेदार परोस रहे सड़ी सब्जी और कंकड़ वाले चावल

17
0

-जिला शिक्षा अधिकारी की अनदेखी से बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़, महिला समूह के नाम पर ठेकेदार कर रहे काम

शब्बीर कुरैशी/दल्ली राजहरा – शासन की महत्वाकांक्षी योजना स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में बच्चों के मध्यान्ह भोजन में बड़ा घोटाला सामने आया है। दल्ली राजहरा के आत्मानंद विद्यालय में ठेकेदारों के द्वारा बच्चों को खराब सड़ी-गली सब्जी और कंकड़ मिले चावल परोसे जा रहे हैं। जिससे बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।

मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय में मध्यान्ह भोजन का ठेका महिला स्व-सहायता समूह के नाम पर दिया गया है, ताकि महिलाओं को रोजगार मिल सके। लेकिन हकीकत यह है कि महिला समूह के नाम पर ठेकेदार और उनके दलाल काम कर रहे हैं। महिलाओं का हक खुलेआम मारा जा रहा है और ठेकेदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।

पालकों ने बताया कि विगत कई वर्षों से यही खेल चल रहा है। महिला समूह सिर्फ कागजों में है। असल में बाहर के ठेकेदारों ने पूरे भोजन व्यवस्था पर कब्जा कर रखा है। शासन के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।

बच्चों की थाली में जो सब्जी परोसी जा रही है वह कई दिनों की सड़ी हुई और खराब गुणवत्ता की है। चावल में कंकड़ मिले हुए हैं। कई बार तो बच्चों के मुंह में कंकड़ आने से दांत टूटने तक की नौबत आ जाती है। खाने की गुणवत्ता इतनी खराब है कि कई बच्चे तो बिना खाए ही भूखे रह जाते हैं।

नियम के अनुसार बच्चों को मेनू के हिसाब से दाल, सब्जी, चावल, अचार और पौष्टिक भोजन देना है। लेकिन यहां नियम का पालन नहीं हो रहा है। कभी बिना धुली सब्जी तो कभी पानी जैसी पतली दाल परोस दी जाती है। बच्चों की जिंदगी के साथ सीधे-सीधे खिलवाड़ किया जा रहा है।

इस संबंध में जब कुछ बच्चों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि खाना में कई बार बदबू आती है। सब्जी में कीड़े तक निकलते हैं। शिकायत करने पर रसोइया डांट कर भगा देता है। डर के मारे बच्चे शिकायत भी नहीं कर पाते।

पालकों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि शासन लाखों रुपये बच्चों के पौष्टिक आहार के लिए दे रही है, लेकिन वह पैसा ठेकेदारों की जेब में जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी इस पूरे मामले में लापरवाही बरत रहे हैं और कभी स्कूल का औचक निरीक्षण नहीं करते।

सूत्र बताते हैं कि जिला शिक्षा अधिकारी को इस मामले की जानकारी होने के बाद भी वे ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं इसमें अधिकारियों की भी मिलीभगत है और मोटा कमीशन का खेल चल रहा है।

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कलेक्टर बालोद को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। महिला समूह के नाम पर काम कर रहे ठेकेदारों का टेंडर निरस्त कर वास्तविक महिला समूह को काम दिया जाए।

साथ ही जो ठेकेदार बच्चों को खराब खाना खिला रहे हैं उन पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। क्योंकि यह मामला सीधे बच्चों की सेहत और भविष्य से जुड़ा है। अगर किसी बच्चे की तबीयत बिगड़ी तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।

फिलहाल आत्मानंद विद्यालय का यह मामला पूरे दल्ली राजहरा में चर्चा का विषय बना हुआ है। पालकों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो वे स्कूल में तालाबंदी कर उग्र आंदोलन करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here