-शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल, माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाएं लोक सेवा गारंटी के दायरे में
हनुमान प्रसाद यादव/एमसीबी/ विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए अब बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाते हुए उनके निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इससे विद्यार्थियों को जरूरी दस्तावेज समय पर मिलने के साथ सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना एवं पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तर पुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाएं निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय-सीमा में उपलब्ध कराई जाएंगी। डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र और डुप्लीकेट अंकसूची के लिए 60 दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। उत्तर पुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और फोटोकॉपी संबंधी सेवाओं के लिए भी निर्धारित प्रक्रिया के बाद 60 दिवस की समय-सीमा रखी गई है।
शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेजों के लिए परेशान होना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए हर दिन महत्वपूर्ण होता है। उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए जरूरी दस्तावेज समय पर उपलब्ध होना आवश्यक है। सरकार की प्राथमिकता विद्यार्थियों को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपना समय पढ़ाई और भविष्य निर्माण में लगाएं, उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में समय और ऊर्जा खर्च न करनी पड़े। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थी केंद्रित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल की सेवाओं को समय-सीमा से जोड़ना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी विद्यार्थी को केवल दस्तावेज प्राप्त करने अथवा परीक्षा संबंधी प्रक्रिया के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए।
नई व्यवस्था से विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जिन्हें आगे की पढ़ाई, प्रवेश, छात्रवृत्ति अथवा अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र या उत्तरपुस्तिका से संबंधित सेवाओं की आवश्यकता होती है। लोक सेवा गारंटी के तहत समय-सीमा तय होने से इन सेवाओं में जवाबदेही बढ़ेगी और विद्यार्थियों को समय पर अपने जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने में सहूलियत होगी।







