लक्ष्मीनारायण लहरे/रायपुर।साहित्य सृजन संस्थान अपनी निरन्तर जारी मासिक परम्परा की 50 वीं काव्य संध्या (गोल्डन जुबली)का ऐतिहासिक आयोजन 11 अक्टूबर 2026, रविवार को दोपहर 3 से 7 बजे तक वृंदावन हॉल, सिविल लाइन्स, रायपुर में करने जा रहा है। इस अवसर पर 50 कवियों का निरंतर काव्य पाठ, मीडिया रिपोर्टरों एवं पत्रकारों को श्रेष्ठ रिपोर्टिंग सम्मान 2026 एवं कवियों को श्रेष्ठ काव्य पाठ सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।
मुख्य अतिथि डॉ. संजय अलंग (पूर्व आईएएस), विशिष्ट अतिथि संतोष झांझी (वरिष्ठ राष्ट्रीय कवयित्री, भिलाई) एवं फिरोजा खान (लोकप्रिय कवयित्री, कोरबा) होंगी।
वीर अजीत कहते हैं – साहित्य समाज की आत्मा है
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्थान के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा ने 50 वीं काव्य संध्या को लेकर विशेष बात कही।
वीर अजीत जी कहते हैं –
साहित्य केवल शब्द नहीं, समाज की आत्मा है। जब समाज भटकता है तो कविता ही उसे रास्ता दिखाती है। हमने 50 महीनों तक इस दीये को जलाए रखा है ताकि छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध, यहाँ के आम आदमी की पीड़ा और खुशी कविता में जिंदा रहे।”
उन्होंने आगे कहा –
आज जब सोशल मीडिया के शोर में संवेदना खो रही है, तब काव्य संध्या जैसी बैठकों की जरूरत और बढ़ गई है। कवि समाज का पहरेदार होता है। हमारी कोशिश है कि नया युवा साहित्य से जुड़े और अपनी बात निर्भीकता से कहे। 50 कवियों का एक मंच पर आना केवल काव्य पाठ नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।”
“पत्रकारों को सम्मानित करने का उद्देश्य भी यही है कि कलम के दोनों सिपाही – कवि और पत्रकार – मिलकर समाज को सच और संवेदना की दिशा दें।”
कार्यक्रम जानकारी महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष ममता खरे ‘मधु’ एवं संयोजक उमेश कुमार सोनी के द्वारा दी गई ।







