रायपुर संबाददाता – रघुराज
3 साल के बच्चे को सिगरेट से दागा तरुण नगर में मासूम बच्चों पर अमानवीय अत्याचार: छोटी-छोटी बातों पर हाथ तोड़ा, शरीर पर मिले 20 से अधिक चोट के निशान ममता हुई कलंकित, सौतेले बाप की हैवानियत में मां ने दिया साथ: पुलिस ने मां अन्नू देवी को किया गिरफ्तार, फरार सौतेले पिता राजा दीप की तलाश जारी
रायपुर:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसी हृदयविदारक और खौफनाक घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। ममता, वात्सल्य और सुरक्षा के सबसे पवित्र रिश्ते को तार-तार करते हुए एक सगी मां और सौतेले पिता द्वारा तीन मासूम बच्चों के साथ बर्बरता और हैवानियत की सारी हदें पार करने का मामला उजागर हुआ है। राजधानी के तरुण नगर इलाके में रहने वाले तीन छोटे-छोटे बच्चों को उनके ही घर में बंधक जैसी स्थिति में रखकर बेरहमी से पीटा जाता था, भूखा रखा जाता था और अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब सबसे छोटे 3 वर्षीय मासूम बच्चे की हालत अत्यंत गंभीर हो गई और पड़ोसियों व स्थानीय नागरिकों की नजर इन बच्चों की बदहाली पर पड़ी। घटना की सूचना मिलते ही एक्शन में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मां अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना का मुख्य आरोपी और मासूमों का सौतेला पिता राजा दीप मौका पाकर फरार हो गया है। पुलिस की विशेष टीमें फरार सौतेले पिता की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
मासूमों पर ढहाया जाता था जुल्म का पहाड़
तरुण नगर इलाके में घटी यह घटना किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी अन्नू देवी पासवान अपने तीन मासूम बच्चों के साथ सौतेले पिता राजा दीप के साथ तरुण नगर के एक किराए के मकान में रहती थी। पड़ोसियों का कहना है कि घर के भीतर से अक्सर बच्चों के चीखने-चिल्लाने और रोने की आवाजें आती थीं, लेकिन जब भी कोई पड़ोसी पूछताछ करने की कोशिश करता तो आरोपी दंपत्ति घरेलू मामला बताकर बात को टाल देते थे।
आरोप है कि सौतेला पिता राजा दीप और सगी मां अन्नू देवी बच्चों को छोटी-छोटी बातों पर बेरहमी से मारते-पीटते थे। कई बार बच्चों को पूरा-पूरा दिन खाना तक नहीं दिया जाता था और उन्हें भूखा रखकर कमरों में बंद कर दिया जाता था। बच्चों को बात-बात पर डराना, धमकाना और शारीरिक यातनाएं देना दोनों आरोपियों की दिनचर्या बन चुकी थी।
3 वर्षीय मासूम रोहित के शरीर पर 20 से अधिक चोट के निशान
इस हैवानियत का सबसे दर्दनाक और भयावह रूप सबसे छोटे 3 वर्षीय बच्चे रोहित के साथ देखने को मिला। मासूम रोहित जब पुलिस और डॉक्टरों के सामने आया, तो उसकी शारीरिक स्थिति देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। 3 साल के इस मासूम बच्चे के पूरे शरीर पर 20 से भी अधिक गंभीर चोटों के निशान मिले हैं।
डॉक्टरी जांच और मुलाहिजा रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं:
हाथ में फ्रैक्चर: सौतेले पिता और मां द्वारा की गई बेरहम पिटाई के कारण 3 वर्षीय रोहित का हाथ टूटकर फ्रैक्चर हो गया था। टूटे हुए हाथ के बावजूद बच्चे का कोई इलाज नहीं कराया गया, बल्कि उसे उसी दर्दनाक हालत में घर में रखा गया।
सिगरेट से दागने के निशान: हैवानियत की हद पार करते हुए मासूम बच्चे को जलती हुई सिगरेट से जगह-जगह दागा गया था। उसके कोमल शरीर पर सिगरेट से जलने के कई गहरे घाव और दाग मौजूद हैं।
चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें: बच्चे के चेहरे, गाल और आंखों के आसपास मुक्कों और डंडों से वार किए जाने के कारण गहरे नीले निशान और गंभीर चोटें आई हैं। आंख के पास आई चोट के कारण मासूम की आंख पूरी तरह सूज गई थी।
पड़ोसियों की सतर्कता से खुली हैवानियत की पोल
इस खौफनाक दास्तान का अंत तब हुआ जब घर के भीतर बच्चों के रोने और बिलखने की आवाजें सीमा से बाहर हो गईं। पड़ोसियों ने जब हिम्मत दिखाकर घर के भीतर जाकर देखा, तो तीनों बच्चे दर्द से कराह रहे थे। सबसे छोटा बच्चा रोहित दर्द के मारे निढाल पड़ा हुआ था और उसके शरीर से खून व जख्म साफ दिखाई दे रहे थे।
स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने बिना देर किए तुरंत डायल 112 और स्थानीय पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने बच्चों को तुरंत अपनी सुरक्षा में लिया और मासूम रोहित को आपातकालीन इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी है।
सगी मां अन्नू देवी गिरफ्तार, सौतेला बाप राजा दीप फरार
घटना की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए रायपुर पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में त्वरित कदम उठाते हुए आरोपी मां अन्नू देवी पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान मां की ओर से कोई पछतावा नहीं देखा गया, जो इस बात का प्रमाण है कि वह भी सौतेले पिता के साथ इस अमानवीय कृत्य में बराबर की भागीदार थी।
दूसरी ओर, घटना की जानकारी पुलिस तक पहुंचने की भनक लगते ही आरोपी सौतेला पिता राजा दीप मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और बाल संरक्षण कानून (POCSO व बाल अधिकार संरक्षण अधिनियम) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रायपुर पुलिस की कई टीमें राजा दीप के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही हैं।
बाल संरक्षण आयोग और समाजशास्त्रियों की चिंता
राजधानी के बीचों-बीच घटी इस घटना ने बाल संरक्षण प्रणाली और समाज की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब सगी मां ही अपने जिगर के टुकड़ों की दुश्मन बन जाए, तो मासूम बच्चे कहां सुरक्षित रहेंगे?
घटना के बाद बाल कल्याण समिति (CWC) ने भी मामले का संज्ञान लिया है। समिति के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों को उचित इलाज, परामर्श (काउंसलिंग) और सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाएगा। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद बच्चों के पुनर्वास और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी बाल संरक्षण गृह या सुरक्षित हाथों में सौंपी जाएगी।
निष्कर्ष: कड़े दंड की मांग
तरुण नगर की इस घटना ने पूरे रायपुर शहर को स्तब्ध कर दिया है। आम नागरिकों और सामाजिक संगठनों में इस हैवानियत को लेकर भारी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि मासूम बच्चों को इस तरह की खौफनाक यातनाएं देने वाले आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी मां या पिता अपने ही बच्चों के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार करने की हिम्मत न कर सके। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाकर अदालत में त्वरित चार्जशीट पेश की जाएगी, ताकि दोषियों को जल्द से जल्द कानून के कटघरे में कड़ी सजा दिलाई जा सके।







