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रायपुर के आरंग में 8 साल के मासूम का सनसनीखेज अपहरण: 15 लाख की फिरौती मांगने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार

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रायपुर संबाददाता – रघुराज
मासूम के अपहरण से हड़कंप: आरंग पुलिस की मुस्तैदी से 6 घंटे के भीतर सकुशल बरामद हुआ बच्चा, एक नाबालिग भी शामिल
आरंग क्षेत्र में फिरौती के लिए मासूम का अपहरण: समोदा पेट्रोल पंप के पास बच्चे को छोड़कर भागे बदमाश, दो बाइक और मोबाइल जब्त
रायपुर:
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से सटे आरंग थाना क्षेत्र में एक 8 साल के मासूम बच्चे के सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और हड़कंप का माहौल बन गया था। अज्ञात बदमाशों ने मासूम बच्चे का अपहरण करने के बाद उसके परिजनों को फोन करके 15 लाख रुपये की मोटी फिरौती की मांग की थी। हालांकि, घटना की सूचना मिलते ही रायपुर पुलिस प्रशासन हरकत में आया और तुरंत अलग-अलग टीमों का गठन कर घेराबंदी शुरू कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, तकनीकी सर्विलांस और घेराबंदी का ही नतीजा रहा कि महज 6 घंटे के भीतर मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। इस पूरे मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और फिरौती की कॉल करने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है।
खेलते समय मासूम को बनाया शिकार
मिली जानकारी के अनुसार, आरंग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इलाके से 8 साल का बच्चा अपने घर के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार शातिर बदमाशों की नजर उस पर पड़ी। आरोपियों ने बच्चे को अकेला पाकर उसे बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठा लिया और मौके से रफूचक्कर हो गए। जब काफी देर तक बच्चा घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। आसपास के लोगों और दोस्तों से पूछताछ करने पर भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई।
15 लाख रुपये की फिरौती का फोन आते ही मची सनसनी
बच्चे के गायब होने के कुछ ही देर बाद परिजनों के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने साफ शब्दों में धमकी देते हुए कहा कि बच्चा उनके कब्जे में है और अगर वे अपने बेटे की सलामती चाहते हैं तो उन्हें 15 लाख रुपये की फिरौती देनी होगी। इसके साथ ही आरोपियों ने परिजनों को पुलिस के पास न जाने की सख्त हिदायत भी दी और फोन काट दिया।
फिरौती की कॉल आते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। 15 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम और मासूम की जान पर बने खतरे को देखते हुए पूरा परिवार गहरे सदमे में आ गया। हालांकि, परिजनों ने समझदारी दिखाते हुए बिना समय गंवाए आरंग थाना पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी और शिकायत दर्ज कराई।
रायपुर पुलिस अलर्ट मोड पर, 6 घंटे की ताबड़तोड़ घेराबंदी
मासूम के अपहरण और 15 लाख रुपये की फिरौती की खबर मिलते ही रायपुर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तुरंत विशेष टीमों का गठन किया गया। आरंग पुलिस, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की संयुक्त टीमों को बच्चे की तलाश में लगा दिया गया।
पुलिस ने सबसे पहले फिरौती के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर को ट्रेस करना शुरू किया। साइबर सेल की मदद से कॉल लोकेशन और संदिग्ध मोबाइल नंबर के टॉवर लोकेशन को खंगाला गया। इसके साथ ही आरंग क्षेत्र और उससे लगे प्रमुख मार्गों, चौराहों व गांवों की ओर जाने वाले रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर चेकिंग अभियान तेज कर दिया, ताकि आरोपी बच्चे को जिले से बाहर न ले जा सकें।
पुलिस की सख्ती देख समोदा के पास बच्चे को छोड़कर भागे आरोपी
पुलिस की बढ़ती सक्रियता, चारों तरफ जारी नाकेबंदी और साइबर सेल के कसते शिकंजे की भनक आरोपियों को लग गई। उन्हें इस बात का अहसास हो गया कि वे पुलिस की घेराबंदी से बचकर भाग नहीं सकते और किसी भी वक्त पकड़े जा सकते हैं। पुलिस के बढ़ते दबाव और पकड़े जाने के डर से घबराकर आरोपियों ने बच्चे को नुकसान पहुंचाए बिना छोड़ने की योजना बनाई।
आरोपियों ने मासूम बच्चे को आरंग थाना क्षेत्र के ही ग्राम समोदा स्थित एक पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में छोड़ दिया और खुद मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की नजर जब पेट्रोल पंप के पास अकेले और डरे-सहमे खड़े बच्चे पर पड़ी, तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत गश्त कर रही पुलिस टीम को दी। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर 8 साल के बच्चे को अपनी सुरक्षा में ले लिया।
मासूम की सकुशल वापसी से परिजनों के आंसू छलक पड़े
अपहरण के महज 6 घंटे के भीतर जब पुलिस टीम मासूम बच्चे को सकुशल लेकर उसके घर पहुंची, तो परिजनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरे परिवार और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली और आरंग पुलिस की इस त्वरित व सराहनीय कार्रवाई की जमकर तारीफ की। प्राथमिक डॉक्टरी जांच में बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित पाया गया है।
एक नाबालिग समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई रुकी नहीं। पुलिस की साइबर और क्राइम ब्रांच टीम ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखा। समोदा पेट्रोल पंप और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी इनपुट की मदद से पुलिस ने आरोपियों के छिपने के ठिकाने का पता लगा लिया।
पुलिस ने दबिश देकर मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से एक आरोपी नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) है। आरोपियों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जल्दी अमीर बनने और पैसों के लालच में मासूम के अपहरण की पूरी साजिश रचने की बात कबूल कर ली।
वारदात में इस्तेमाल सामान जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें (बाइक) और वह मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिससे परिजनों को 15 लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल किया गया था। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई अन्य स्थानीय व्यक्ति भी शामिल था।
आरंग क्षेत्र में पुलिस सतर्कता की मिसाल
राजधानी रायपुर के आरंग क्षेत्र में घटी इस घटना ने जहां एक ओर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर रायपुर पुलिस की मुस्तैदी और 6 घंटे के भीतर मिली सफलता ने आम जनता के मन में पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। मामले में गिरफ्तार वयस्कों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अपहरण, फिरौती और साजिश रचने से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें अदालत में पेश किया जा रहा है, जबकि नाबालिग आरोपी को बाल न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

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