हर साल 3 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय प्लास्टिक बैग मुक्त दिवस (International Plastic Bag Free Day) मनाया जाता है। यह दिन प्लास्टिक बैग्स के बढ़ते उपयोग के कारण पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को समझने और लोगों को इसके विकल्प अपनाने के लिए जागरूक करने का अवसर है।
प्लास्टिक बैग का संकट:
प्लास्टिक बैग्स हल्के और सस्ते होने के कारण रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुतायत से इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन इन्हें नष्ट करना बेहद मुश्किल होता है। एक प्लास्टिक बैग को पूरी तरह विघटित होने में 500 से 1,000 साल तक लग सकते हैं। ये न केवल ज़मीन और पानी को प्रदूषित करते हैं, बल्कि पशु-पक्षियों और समुद्री जीवों की जान के लिए भी खतरा बन जाते हैं।
भारत में स्थिति:
भारत ने 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू किया। कई राज्यों और नगर निगमों ने प्लास्टिक बैग्स पर रोक लगाई है, लेकिन जागरूकता और वैकल्पिक व्यवस्था की कमी के कारण इसका पालन पूरी तरह नहीं हो पाया है।
इस दिवस का उद्देश्य:
– लोगों को कपड़े, जूट या कागज के बैग जैसे पर्यावरण मित्र विकल्पों के उपयोग के लिए प्रेरित करना
– सरकारों और संस्थानों को प्लास्टिक पर प्रभावी नीति और नियम लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना
– प्लास्टिक कचरे की रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोग को बढ़ावा देना
हम क्या कर सकते हैं?
– खरीदारी के समय खुद का बैग लेकर जाएं
– बच्चों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में सिखाएं
– समाज में जागरूकता फैलाएं और उदाहरण बनें
– ऐसी दुकानों से खरीदारी करें जो प्लास्टिक का प्रयोग नहीं करते









