नोएडा, 15 जून 2026। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इतिहास में सोमवार का दिन खास बन गया, जब एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसानों और स्थानीय कामगारों ने इसी एयरपोर्ट से पहली यात्री उड़ान भरकर एक नया अध्याय रच दिया। सुबह नोएडा से लखनऊ रवाना हुई पहली फ्लाइट में करीब 170 किसान, मजदूर और महिलाएं शामिल रहीं।
सुबह 8:05 बजे लखनऊ से पहली फ्लाइट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची। इसके बाद 8:30 बजे नोएडा से पहली यात्री उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस अवसर को लेकर यात्रियों में उत्साह और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।
पहली उड़ान में शामिल किसान अबरार खान ने कहा कि जिस परियोजना के लिए उन्होंने अपनी जमीन दी थी, उसे साकार होते देखना गर्व का विषय है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की ओर से उन्हें इस ऐतिहासिक उड़ान का हिस्सा बनने का निमंत्रण मिला था।
वहीं, स्थानीय निवासी हेरा रशीद ने इसे जीवन का यादगार क्षण बताते हुए कहा कि पहली उड़ान का अनुभव उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि लखनऊ पहुंचने पर किसानों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिला।
कई किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए दी थी और आज उसी जमीन पर बने आधुनिक एयरपोर्ट से उड़ान भरना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह सिर्फ हवाई सेवा की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन किसानों के योगदान का सम्मान भी है जिन्होंने प्रदेश और देश के विकास के लिए अपनी जमीन उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि जिन हाथों ने कभी खेतों में मेहनत की थी, आज उन्हीं हाथों में बोर्डिंग पास है।
एयरपोर्ट के उद्घाटन दिवस पर एक और आकर्षण तब देखने को मिला, जब लखनऊ से आई एक नन्ही बच्ची पायलट की वर्दी पहनकर एयरपोर्ट पहुंची। उसकी मासूम मुस्कान और पायलट ड्रेस ने यात्रियों और अधिकारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक है। उन्होंने किसानों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करना संभव नहीं था।
करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में शामिल है। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि एयरपोर्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 25 नवंबर 2021 को किया था। पहले चरण का निर्माण कार्य 1334 हेक्टेयर क्षेत्र में पूरा हो चुका है। सभी चरणों के पूर्ण होने के बाद यह एशिया के सबसे बड़े और दुनिया के प्रमुख एयरपोर्ट्स में शामिल होगा। शुरुआती चरण में देश के 45 शहरों के लिए लगभग 65 व्यावसायिक उड़ानों का संचालन किया जाएगा।








