बिलासपुर-
शिवनाथ नदी में कथित प्रदूषण के मामले में हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। शासन की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि पिछले पांच महीनों के दौरान लिए गए जल सैंपलों में ऑक्सीजन की मात्रा निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई है। डिवीजन बेंच ने मामले की निगरानी जारी रखते हुए अगली सुनवाई अगस्त में तय की है।
यह मामला तब सामने आया था जब शराब डिस्टिलरी से रासायनिक पदार्थों के नदी में प्रवाह से मछलियों और मवेशियों की मौत की खबरें आई थीं। इस पर हाईकोर्ट ने 3 फरवरी 2025 को पर्यावरण संरक्षण मंडल को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
पर्यावरण मंडल की रिपोर्ट के अनुसार, उद्योग में ड्रायर और आरओ आधारित बहु-प्रभाव वाष्पीकरण प्रणाली स्थापित है, जो अपशिष्ट जल का शोधन कर उसे शीतलन, धूल नियंत्रण और पौधरोपण कार्यों में पुनः उपयोग करता है। निरीक्षण के दौरान शून्य उत्सर्जन की स्थिति पाई गई।
सरकारी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि जल सैंपलिंग की प्रक्रिया लगातार चल रही है और ऑक्सीजन का स्तर औसतन 5 mg/L से ऊपर है, जबकि मछली पालन के लिए न्यूनतम 4 mg/L पर्याप्त होता है। इसका मतलब है कि नदी का पानी फिलहाल निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप है।









