नई दिल्ली-
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने हाल ही में बड़ा कदम उठाते हुए 1.35 लाख से ज्यादा अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। मेटा (इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी) के अनुसार, ये अकाउंट्स बच्चों के खिलाफ अनुचित और आपत्तिजनक व्यवहार में लिप्त थे। इनमें से कई अकाउंट्स पर आरोप है कि वे बच्चों की ओर से चल रहे अकाउंट्स से यौन सामग्री की मांग कर रहे थे या फिर अश्लील कमेंट्स कर रहे थे।
इतिहास का सबसे बड़ा क्लीन-अप अभियान
मेटा ने केवल इंस्टाग्राम ही नहीं, बल्कि फेसबुक पर भी 5 लाख से अधिक ऐसे अकाउंट्स को हटाया है जो संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे या इन आपत्तिजनक नेटवर्क्स से जुड़े हुए थे। मेटा का कहना है कि यह ऑपरेशन अब तक के सबसे बड़े सुरक्षा सफाई अभियानों में से एक है।
अचानक ये सख्ती क्यों?
पिछले कुछ महीनों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर किशोरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है, खासकर अमेरिका में।
कानून निर्माता बार-बार यह सवाल उठा रहे हैं कि ये प्लेटफॉर्म न सिर्फ लत लगाने वाले हैं, बल्कि इनमें साइबर बुलिंग, ऑनलाइन ग्रूमिंग और अवास्तविक सौंदर्य मानकों के चलते बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है।
मेटा की नई सुरक्षा पहल
बच्चों और किशोरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मेटा ने नई डिफॉल्ट सेफ्टी सेटिंग्स को लॉन्च किया है, जो बच्चों द्वारा चलाए जा रहे अकाउंट्स पर लागू होंगी।
इसमें:
अनजान लोगों से मैसेज की पहुंच सीमित की जाएगी
अभद्र और अनुचित संदेश स्वचालित रूप से ब्लॉक होंगे
बच्चों को डिजिटल दुनिया में ज्यादा सुरक्षित अनुभव देने की कोशिश की जाएगी
यह भले ही एक छोटा कदम हो, लेकिन किशोरों की सुरक्षा की दिशा में यह एक अहम पहल है।
क्या अमेरिका का नया कानून मेटा को बदल रहा है?
अमेरिका में Kids Online Safety Act (KOSA) नामक एक विधेयक लाया गया है, जो ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को बच्चों के लिए कानूनी रूप से सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी देगा।
यह बिल 2023 में सीनेट से पास हो चुका है, लेकिन अभी हाउस से पास नहीं हुआ है।
माना जा रहा है कि मेटा की ये नई पहल इसी संभावित कानून के लिए पूर्व तैयारी का हिस्सा हो सकती है।









