काबुल। अफगानिस्तान एक बार फिर भूकंप के भीषण झटकों से कांप उठा। रविवार देर रात हिंदू कुश पर्वतीय क्षेत्र में 5 घंटों के भीतर दो बार 6.3 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप आए, जिससे देशभर में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, कम से कम 10 लोगों की मौत और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। वहीं, कई इलाकों में इमारतों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।
दो बार कांपी धरती, लोगों में दहशत
स्थानीय समयानुसार रात 12:59 बजे (20:29 GMT) जब ज़मीन जोर से हिली, तो राजधानी काबुल समेत कई शहरों में लोग घरों से बाहर निकल आए।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, पहला झटका 3.9 तीव्रता का था, जबकि कुछ घंटे बाद आया दूसरा झटका 6.3 तीव्रता का रहा, जिसका केंद्र मजार-ए-शरीफ के पास खोल्म क्षेत्र में 28 किलोमीटर गहराई पर स्थित था।
पाकिस्तान के उत्तरी हिस्सों में भी हल्के झटके महसूस किए गए। दोनों देशों के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और लोग खुले मैदानों में रात गुजारने को मजबूर हुए।
मजार-ए-शरीफ की मशहूर ब्लू मस्जिद को नुकसान
भूकंप के झटकों से ऐतिहासिक ब्लू मस्जिद (Blue Mosque) का बाहरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। सोशल मीडिया पर साझा किए जा रहे वीडियो में मस्जिद की दीवारों और गुंबद के हिस्से टूटे हुए दिखाई दे रहे हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित इलाकों में भेजे गए हैं।
NCS ने दी विस्तृत जानकारी
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, पहला भूकंप रविवार रात 20:40 बजे आया था, जिसका केंद्र जमीन के अंदर 10 किमी गहराई में था। इसके करीब पांच घंटे बाद हिंदू कुश क्षेत्र में दूसरा शक्तिशाली झटका दर्ज किया गया, जिसकी गहराई 23 किमी मापी गई। दोनों भूकंपों की वजह से आसपास के गांवों में मकानों की दीवारें और छतें दरक गईं।
भूकंप प्रभावित क्षेत्र बार-बार झेल रहे झटके
अफगानिस्तान भूकंप-संवेदनशील इलाका है, जहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं। इसी वजह से यहां भूकंप की घटनाएं बार-बार होती हैं।
अगस्त 2025 में पूर्वी अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप में 2200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। वहीं, अक्टूबर 2023 में आए 6.3 तीव्रता के झटकों से 4000 से ज्यादा लोगों की जान गई थी।
राहत कार्य जारी
स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों ने प्रभावित क्षेत्रों में आपात बचाव अभियान शुरू कर दिया है। तालिबान सरकार ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि घायलों के इलाज और मलबा हटाने के कार्य युद्धस्तर पर किए जा रहे हैं।









