Home मुख्य ख़बरें राजनांदगांव में धर्मांतरण मामले का खुलासा, बहु-जिला नेटवर्क की जांच तेज

राजनांदगांव में धर्मांतरण मामले का खुलासा, बहु-जिला नेटवर्क की जांच तेज

138
0

राजनांदगांव।

जिले में कथित धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े एक गंभीर मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ग्राम धर्मापुर में आश्रम/चर्च संचालन, नाबालिग बच्चों को रखने और धर्मांतरण से जुड़ी शिकायत के बाद शुरू हुई जांच अब एक संगठित और बहु-जिला नेटवर्क की ओर इशारा कर रही है। दस्तावेजी साक्ष्य, डिजिटल उपकरण और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन ने मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है।

राजनांदगांव पुलिस के अनुसार, 08 जनवरी 2026 को थाना लालबाग अंतर्गत पुलिस चौकी सुकुलदेहन में एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में ग्राम धर्मापुर में एक व्यक्ति द्वारा आश्रम/चर्च का संचालन कर नाबालिग बच्चों को रखने और धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के पर्यवेक्षण में तत्काल जांच प्रारंभ की गई।

शिकायत के आधार पर आरोपी डेविड चाको के विरुद्ध छत्तीसगढ़ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3, 4 एवं 5 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों ने संकेत दिए हैं कि यह गतिविधि किसी एक व्यक्ति तक सीमित न होकर संगठित रूप से संचालित की जा रही थी।

दस्तावेजों से संगठित गतिविधियों के संकेत

विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी से जुड़े रजिस्टर, दस्तावेज, अभिलेख एवं अन्य सामग्री जब्त की है। इनका प्रारंभिक परीक्षण करने पर यह आशंका जताई जा रही है कि कथित गतिविधियां सुनियोजित ढंग से संचालित की जा रही थीं। पुलिस अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

कई जिलों तक फैले नेटवर्क की आशंका

जांच में यह भी सामने आया है कि इस प्रकरण से जुड़ा नेटवर्क छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों तक फैला हो सकता है। प्रारंभिक तौर पर कई लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। ऐसे सभी संदिग्ध व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया जा रहा है।

डिजिटल साक्ष्य बने जांच का आधार

पुलिस ने जांच के दौरान लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड और मोबाइल फोन सहित बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इन उपकरणों में मौजूद डेटा, दस्तावेज और प्रेजेंटेशन सामग्री का तकनीकी विश्लेषण विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है, जिससे कई अहम जानकारियां मिलने की संभावना जताई जा रही है।

महंगे सोलर प्रोजेक्टर और वित्तीय लेन-देन की जांच

जांच के दौरान पुलिस ने सोलर-आधारित प्रोजेक्टर भी बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ऐसे उपकरण आमतौर पर दूरस्थ इलाकों में उपयोग किए जाते हैं। इसके साथ ही मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और धन के स्रोतों की भी गहन जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा है कि मामले की विवेचना पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कड़ी और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here