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अकलतरा में सड़क हादसों का कहर ; सबसे ज्यादा मौतें ; विधानसभा में गूंजा मुद्दा: राघवेंद्र कुमार सिंह

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संवाददाता – निलेश सिंह
अकलतरा:
जांजगीर-चाम्पा जिले के अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला थम नहीं रहा। लगातार बढ़ रही इन हादसों और मौतों का मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार तरीके से उठा। विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रश्न क्रमांक 1917 के जरिए 1 जनवरी 2024 से 14 फरवरी 2026 तक जिले में हुई दुर्घटनाओं, मृतकों और घायलों का ब्योरा मांगा।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने गृह विभाग की ओर से बताया कि इस दौरान जिले में कुल 898 सड़क हादसे हुए, जिसमें 425 लोगों की मौत हुई और 794 घायल हुए। लेकिन चिंता की बात यह है कि अकलतरा विधानसभा में ही सबसे ज्यादा हादसे और मौतें दर्ज की गईं।
अकलतरा में आंकड़े:
सबसे अधिक प्रभावित 2024 – 155 दुर्घटनाएं, 76 मौतें, 144 घायल।
2025 – 165 दुर्घटनाएं, 89 मौतें, 123 घायल।
2026 (14 फरवरी तक) – 26 दुर्घटनाएं, 13 मौतें, 27 घायल।
कुल: 346 हादसे, 178 मौतें, 294 घायल।
तुलना में जांजगीर में 304 हादसों से 120 मौतें और पामगढ़ में 248 हादसों से 127 मौतें हुईं। अकलतरा में मौतों का आंकड़ा सबसे ऊपर है।प्रमुख कारण और सुधार के कदमविभाग के मुताबिक,
 हादसों का मुख्य कारण तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना है। रोकथाम के लिए ये कदम उठाए जा रहे हैं,यातायात नियमों पर जनजागरूकता अभियान।दुर्घटना वाले स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, रोड मार्किंग और साइन बोर्ड। हेलमेट, सीट बेल्ट, मोबाइल/शराब के खिलाफ सख्त चेकिंग। सड़क सुरक्षा मितान कार्यक्रम: गांवों में स्वयंसेवक, हेलमेट वितरण, आवारा पशुओं पर रेडियम पट्टी, राहवीर योजना से घायलों की मदद करने वालों को इनाम। स्थानीय लोग अब सड़क सुरक्षा पर और सतर्कता की मांग कर रहे है।
“अकलतरा क्षेत्र में ज्यादातर सड़क हादसे नाबालिगों द्वारा बिना लाइसेंस वाहन चलाने या शराब पीकर गाड़ी दौड़ाने से हो रहे हैं। हम सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन अभिभावकों और युवाओं को जिम्मेदारी निभानी होगी। यातायात नियमों का पालन करें, वरना जान पर बन आएगी।”  भास्कर शर्मा (थाना प्रभारी अकलतरा)

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