बलरामपुर संवाददाता युसूफ खान
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।बलरामपुर जिले के बगरा धान खरीदी केंद्र से ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि खरीदी केंद्र में रखे धान को पानी डालकर सोकता कम करने के लिए भिगाया जा रहा था, ताकि उसका वजन बढ़ाया जा सके। भीगा हुआ धान का वीडियो अब सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
दयाशंकर मरकाम ग्राम पंचायत बगरा सरपंच
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा इस साल धान खरीदी की प्रक्रिया 15 नवंबर से शुरू होकर फरवरी तक चली। इस दौरान
किसानों ने अपना धान खरीदी केंद्रों में बेचा। लेकिन बलरामपुर जिले के बगरा उपार्जन धान खरीदी केंद्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
आरोप है कि खरीदी केंद्र में स्टेक कर रखे धान के ढेरों पर पाइप के माध्यम से पानी डालकर उसे भिगाया गया है इसका खुलासा तब हुआ जब राइस मिल और संग्रहण केंद्र के लिए धान लेने ट्रक पहुंचे। मौके पर देखा गया कि धान पूरी तरह भीगा हुआ था।
आनंद नेताम एसडीएम रामानुजगंज
मामले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया गया, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर एसडीएम आनंद नेताम मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
जांच के दौरान धान का मॉइश्चर लगभग 45 प्रतिशत पाया गया, जो सामान्य स्तर से काफी ज्यादा है। इतना ही नहीं, कई बोरियों में धान के साथ धूल-मिट्टी भी मिली हुई पाई गई।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कई बोरियों में रखे धान में अंकुरण तक हो गया था, यानी धान से पौधे निकलने लगे थे इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि धान को लंबे समय से पानी डालकर भिगाया जा रहा था, ताकि उसका वजन बढ़ाकर उसे राइस मिलों और संग्रहण केंद्रों में भेजा जा सके।
सूत्रों का यह भी दावा है कि खरीदी केंद्र के प्रभारी से जुड़े वाहनों के माध्यम से भी धान का उठाव किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि सुबह भोर में धान को पानी से भिगोकर ट्रकों में लोड कर दिया जाता था, और धूप निकलने तक ऊपर का पानी सूख जाता था। अब बड़ा सवाल यह है कि अगर धान खरीदी केंद्र में समय पर खरीदी कर सुरक्षित रखा गया था, तो फिर धान को पानी डालकर भिगाने की जरूरत क्यों पड़ी?
क्या यह धान का वजन बढ़ाकर सरकारी व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का मामला है फिलहाल एसडीएम ने जांच शुरू कर दी है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी जांच के नाम पर दबा दिया जाएगा।







