अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के मध्य अब भारत को जल्द ही द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) से भरे 2 और टैंकर मिल सकते हैं। खबरों के मुताबिक, भारतीय ध्वज वाले 2 द्रवीकृत LPG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की तैयारी कर रहे हैं। यह कदम जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के बीच उठाया गया है। ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ नामक ये जहाज वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के शारजाह के पास लंगर डाले हुए हैं।
भारत के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में अपने बेड़े की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत आने वाले LPG टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विश्व नेताओं से लगातार बातचीत कर रहे हैं। बता दें कि ‘जग वसंत’ को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने किराए पर लिया है, जबकि ‘पाइन गैस’ का संचालन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOC) करती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे होकर दुनिया के कच्चे तेल का लगभग 20-25 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हालांकि, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह खाड़ी से निकलने वाले जहाजों को निशाना बना सकता है। इससे वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है। इसके बावजूद, भारत के राजनयिक प्रयासों के बाद हाल ही में 2 भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य को पार कर गए।
होर्मुज जलडमरूमध्य से सीमित जहाजरानी गतिविधियां जारी हैं। ईरान कुछ मामलों में विशेष परिस्थितियों में ही जहाजरानी की अनुमति दे रहा है। हाल ही में पाकिस्तान जा रहे एक तेल टैंकर को जलडमरूमध्य से गुजरते देखा गया, जिससे संकेत मिलता है कि सभी वाणिज्यिक जहाजरानी पूरी तरह से बंद नहीं हुई है। इन दो भारतीय टैंकरों की नियोजित आवाजाही पर बारीकी से नजर रखी जा रही है क्योंकि इससे मार्ग से वाणिज्यिक गतिविधियां दोबारा शुरू होने का पता चलेगा।







