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‘डकैत: एक प्रेम कथा’ रिव्यू: मृणाल ठाकुर और अदिवी शेष की शानदार एक्टिंग, इमोशन और थ्रिल से भरी कहानी में मिलता है दमदार क्लाइमेक्स और एंटरटेनमेंट का तड़का

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नई फिल्म ‘डकैत: एक प्रेम कथा’ एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट के साथ शुरू होती है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह अपनी पकड़ खोने लगती है। जातिवाद, जेल से फरार जिंदगी, अधूरा प्यार, पैसों की मजबूरी और एक बड़ा काला खेल—इन सभी तत्वों को जोड़ने की कोशिश की गई है, लेकिन फिल्म इन्हें एक मजबूत कहानी में पिरोने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती।

कहानी क्या है?

फिल्म की कहानी हरिदास (Adivi Sesh) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो 13 साल की जेल की सजा काटने के बाद एक बड़े प्लान के साथ बाहर निकलता है। उसका मकसद पैसा जुटाकर देश छोड़ना है। लेकिन उसकी जिंदगी में सबसे बड़ा अधूरा हिस्सा जूलियट (Mrunal Thakur) है, जिसे वह अपने अतीत की सबसे बड़ी वजह मानता है।

कहानी में लॉकडाउन का बैकड्रॉप भी दिखाया गया है, जहां अस्पतालों में अव्यवस्था और काले पैसे का खेल चल रहा है। इसी बीच 1 करोड़ रुपये की जरूरत कहानी को एक नया मोड़ देती है, लेकिन फिल्म कई जगह दिशा बदलती हुई नजर आती है।

एक्टिंग कैसी है?

  • Mrunal Thakur फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरती हैं। उनका किरदार इमोशन के साथ-साथ मजबूती भी दिखाता है।
  • Adivi Sesh अपने एंग्री और इंटेंस अवतार में प्रभावशाली लगते हैं, लेकिन उनके किरदार की अस्थिरता दर्शकों से जुड़ाव कम कर देती है।
  • Anurag Kashyap अपने छोटे रोल में भी प्रभाव छोड़ते हैं।
  • Prakash Raj और Atul Kulkarni अपने अनुभव से किरदारों को मजबूती देते हैं।

डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले

फिल्म का सबसे कमजोर पक्ष इसका स्क्रीनप्ले है। कहानी कभी क्राइम थ्रिलर बनती है, कभी इमोशनल ड्रामा और कभी लव स्टोरी, लेकिन किसी भी ट्रैक को पूरी तरह विकसित नहीं किया गया है।

पहला हाफ धीमा और थोड़ा उलझा हुआ लगता है, जबकि दूसरे हाफ में खासकर आखिरी 30 मिनट में फिल्म थोड़ी पकड़ बनाती है। क्लाइमेक्स में कुछ सीन असर छोड़ते हैं, लेकिन पूरी फिल्म को संभालने के लिए यह काफी नहीं है।

तकनीकी पक्ष

फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक अच्छा है और कई जगह माहौल बनाने में मदद करता है। सिनेमैटोग्राफी ठीक-ठाक है और फिल्म को एक अच्छा विजुअल लुक देती है। हालांकि गाने यादगार नहीं बन पाते।

क्या देखें या नहीं?

अगर आप Adivi Sesh और Mrunal Thakur के फैन हैं, तो एक बार फिल्म देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप एक मजबूत कहानी, नया कंटेंट और कसा हुआ स्क्रीनप्ले देखने की उम्मीद लेकर जा रहे हैं, तो फिल्म आपको पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पाएगी।

‘डकैत: एक प्रेम कथा’ में आइडिया और कलाकारों की मेहनत साफ दिखती है, लेकिन कमजोर लेखन और बिखरी हुई कहानी इसे एक औसत फिल्म बना देते हैं। फिल्म में सब कुछ है—बस वह संतुलन नहीं जो इसे यादगार बना सके।

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