-“राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका पर हुआ मंथन”
लक्ष्मी नारायण लहरे/सारंगढ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) विभाग रायगढ़ जिला सारंगढ़ द्वारा पुष्प वाटिका में गरिमामयी प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। 15 अप्रैल दोपहर 4 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में छत्तीसगढ़ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक नारायण नामदेव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का विषय ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष(शून्य से शतक)’ रहा।
संघ के 100 वर्ष: संघर्ष और सेवा की यात्रा –
मुख्य वक्ता श्री नारायण नामदेव ने अपने उद्बोधन में संघ की स्थापना से लेकर अब तक की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की एक अविरल साधना है। शताब्दी वर्ष हमारे लिए संकल्प का वर्ष है, जहाँ प्रत्येक स्वयंसेवक को समाज के हर वर्ग के साथ जुड़कर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए कार्य करना है।” उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुंब प्रबोधन जैसे विषयों पर भी बल दिया।
अतिथियों का सम्मान और गरिमामयी उपस्थिति रही
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गुरुमाता सेत बाई रामनामी (अध्यक्ष, रामनामी समाज, छत्तीसगढ़ केंद्र चंदलीडीह) रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में समाज और संस्कृति के संरक्षण में संघ के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संघचालक डॉ. फिरत राम निराला ने की।
इस अवसर पर जिला संघचालक जी द्वारा मुख्य अतिथि गुरुमाता सेत बाई रामनामी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले के गणमान्य नागरिक, प्रमुख जन सारंगढ़ जिला के अधिवक्ता वरिष्ठ अधिवक्ता पीएल आदित्य अधिवक्ता पीके बनज और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक,सहित जिले भाजपा परिवार उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं को संविधान की पुस्तक भेंटकर सम्मान किया गया ।







