डुगेश्वर संजू साहू /भवानीपुर (पलारी)। विकासखंड पलारी में अखंड ब्राह्मण सेवा समिति पलारी के तत्वावधान में गायत्री मंदिर में भगवान परशुराम जयंती का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसमें क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने परिवार सहित शामिल होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।
पंडित जी ने कथा वाचन के दौरान भगवान परशुराम के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म भृगु वंश में हुआ था और उनका बाल्यकाल का नाम रामभद्र था। भगवान शिव की कठोर तपस्या के बाद उन्हें ‘परशु’ अस्त्र की प्राप्ति हुई, जिसके कारण वे परशुराम कहलाए। उन्होंने अत्याचारियों का विनाश कर धर्म की रक्षा की। कथा में सहस्रार्जुन द्वारा उनके पिता जमदग्नि की हत्या के बाद 21 बार क्षत्रियों के संहार का प्रसंग भी बताया गया। साथ ही गणेश जी के साथ हुए प्रसंग और उनके ‘एकदंत’ कहलाने की कथा का भी उल्लेख किया गया। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान परशुराम को आठ चिरंजीवियों में से एक माना जाता है।
पूजा-अर्चना के पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। कार्यक्रम में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
इस अवसर पर समाज अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा,अनिरुद्ध मिश्रा महिला समाज प्रकोष्ठ यशप्रभा पांडे, शीला शुक्ला, फाल्गुनी मिश्रा, रोशनी शर्मा, रश्मि मिश्रा,गजेईश्वरी देवी, श्वेता पांडे, प्रगति तिवारी, सुनिता तिवारी, प्रीती झा, स्वाति त्रिपाठी, विभा तिवारी, नबिना झा सपना तिवारी, दीक्षा शर्मा, कंचन शर्मा, नीलकमल शर्मा, ज्योति मिश्रा, कीर्ति मिश्रा राहुल पांडे, रिषभ चौबे,सत्यनारायण शर्मा,विनय शर्मा , राकेश त्रिपाठी, किशनधर दीवान, सुमित तिवारी, रोशन चौबे, यशवंत तिवारी राजेश शर्मा, कैलाश तिवारी, श्रवण तिवारी, लक्ष्मी नारायण तिवारी, दीपक तिवारी,शिवम मिश्रा मुकेश झा तोषन प्रसाद चौबे, धीरज मिश्रा, सहित समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।








