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छत्तीसगढ़ संकुल समन्वयक शिक्षक संघ एवं बस्तर संभाग प्रधान अध्यापक पदोन्नति संघर्ष मोर्चा के द्वारा गहरा दुःख

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दुःखद समाचार
जिला,विकासखण्ड बीजापुर अंतर्गत संकुल शैक्षिक समन्वयक, चिन्नाकवाली श्री लोकेश्वर सिंह चौहान जी का ब्रेन हेमरेज के कारण उपचार हेतु ले जाते समय आकस्मिक निधन हो गया। स्वर्गीय चौहान जी प्रशासनिक कार्यों में अत्यंत दक्ष, कर्तव्यनिष्ठ एवं अनुशासित CAC थे। उनका मृदुल, सरल एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार सभी के लिए प्रेरणास्रोत था। उनके निधन से शिक्षा विभाग को अपूरणीय क्षति हुई है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
विनम्र श्रद्धांजलि 
पदोन्नत शिक्षक जो हमलोगों के साथ में पदोन्नत हुए परन्तु पदस्थ नहीं हो पाए और दुनिया और पदोन्नति को अलविदा कह गए। विनम्र श्रद्धांजलि 
 शिक्षकों में तनाव का मुख्य कारण भारी कार्यभार  कार्य,  व्यवहार संबंधी चुनौतियां,  प्रशासन/अभिभावकों की अवास्तविक अपेक्षाएं हैं। इसके अलावा, व्यक्तिगत जीवन और काम के बीच असंतुलन, संसाधनों की कमी और नई तकनीक या शिक्षण विधियों को अपनाने का दबाव भी शिक्षकों में थकान और मानसिक अशांति पैदा करता है।
श्री लोकेश्वर सिंह चौहान जी
शिक्षकों में तनाव के प्रमुख कारण (2026 के अनुसार):
अत्यधिक कार्यभार और प्रशासनिक काम: पढ़ाई के अलावा, शिक्षकों को बहुत सारे कागजी काम, डेटा प्रविष्टि, और परीक्षा-संबंधी कार्यों का बोझ उठाना पड़ता है, जो उनके शिक्षण समय को कम करता है।
छात्रों का व्यवहार और सुरक्षा: कक्षा में अनुशासन बनाए रखना, चुनौतीपूर्ण छात्रों का प्रबंधन करना, और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मानसिक थकावट का एक बड़ा कारण है।
अभिभावकों और प्रशासन का दबाव: अभिभावकों की उच्च अपेक्षाएं और प्रशासन द्वारा परीक्षा के नतीजों के लिए सीधे शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराना (बर्नआउट) बहुत तनावपूर्ण है।
नीतिगत बदलाव और टीईटी (TET) का दबाव: कई बार सरकार द्वारा अनिवार्य की गई परीक्षाएं (जैसे टीईटी), नए पाठ्यक्रम, और नियम शिक्षकों में, विशेषकर वरिष्ठ शिक्षकों में असुरक्षा और भय पैदा करते हैं।
कर्मचारियों की कमी: स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण एक ही शिक्षक पर कई कक्षाओं का भार आ जाता है, जिससे मानसिक और शारीरिक थकान बढ़ जाती है।
विशेष रूप से , शिक्षकों को उनके काम के अनुपात मे और उनके प्रयासों को उचित सम्मान या मान्यता नहीं मिलती है।
हाल के दिनों में कार्यस्थल पर अत्यधिक दबाव, गैर-शैक्षणिक कार्यों  तनाव के कारण शिक्षकों में ब्रेन हेमरेज से असामयिक निधन के मामले बढ़े हैं। हमारे छत्तीसगढ़ प्रदेश की बीजापुर जिला विकासखंड बीजापुर के संघर्षशील कर्मठ जुझारू एवं प्रशासनिक कार्य में रुचि रखने वाले संकुल शैक्षिक समन्वयक, चिन्नाकवाली श्री लोकेश्वर सिंह चौहान जी का ब्रेन हेमरेज के कारण उपचार हेतु ले जाते समय आकस्मिक निधन हो गया।बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से कई शिक्षकों की जान गई है, जिसे लेकर शिक्षक संघों ने चिंता जताई है।
 सिरदर्द, बेहोशी, या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी इसके लक्षण हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ संकुल समन्वयक  शिक्षक संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष रामचंद्र सोनवंशी एवं बस्तर संघर्ष मोर्चा शिक्षक संघ के अध्यक्ष उमेंद्र सिंह गोटी  कमलेश मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद सिन्हा,केदार साहू,घनश्याम नाग, श्रीमती भारती दुर्गा सहित सभी जिला अध्यक्ष  ने इस दुख के घड़ी में उनके परिवार को इस विषम परिस्थिति में अचानक निधन पर  शिक्षक के परिवार को  उचित मुआवजा के साथ उनके परिवार में अनुकंपा नियुक्ति शीघ्र प्रदान करने की मांग करते हैं

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