नीट 2026 परीक्षा को पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही दोबारा परीक्षा के लिए नई तारीख का भी ऐलान कर दिया गया है। इस बीच नीट परीक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील सत्यम सिंह राजपूत के माध्यम से आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने दाखिल की है। याचिका में NEET-UG 2026 परीक्षा प्रणाली में बदलाव की मांग की गई है।
याचिकाकर्ताओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को हटाकर उसकी जगह एक नई, स्वतंत्र और पारदर्शी नेशनल एग्जामिनेशन अथॉरिटी गठित करने की भी मांग की है, जो कानूनी जवाबदेही और न्यायिक निगरानी के तहत काम करे। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, शिक्षाविद, मनोवैज्ञानिक, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय निगरानी समिति बनाने की अपील की गई है, जो राष्ट्रीय परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक सुधार सुझाए।
याचिका में यह भी मांग की गई है कि राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को सख्ती से लागू किया जाए और सभी राष्ट्रीय परीक्षाओं में एन्क्रिप्टेड डिजिटल पेपर ट्रांसमिशन, बायोमेट्रिक सत्यापन, AI आधारित निगरानी प्रणाली और कड़े साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य किए जाएं। प्रश्नपत्रों की “डिजिटल लॉकिंग” और CBT मॉडल अपनाने को पेपर लीक रोकने के लिए जरूरी कदम बताया गया है।








