भारत ने व्यापार के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अब भारत, बांग्लादेश (Bangladesh) का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार (Second-Largest Trading Partner) बन गया है। यह बदलाव दक्षिण एशिया (South Asia) में तेजी से बदलते कारोबारी समीकरणों और पड़ोसी देशों के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है। हाल के वर्षों में भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापारिक संबंध (trade relations) लगातार मजबूत हुए हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, खाद्य उत्पाद, कपड़ा, दवाइयों, मशीनरी और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े सामानों का कारोबार तेजी से बढ़ा है। इसके चलते भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए यह स्थान हासिल किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश की ओर से पड़ोसी बाजारों पर बढ़ती निर्भरता और कम परिवहन लागत भी इस बदलाव की बड़ी वजह मानी जा रही है। भौगोलिक निकटता के कारण भारत से आयात करना बांग्लादेश के लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती साबित हो रहा है। भारत और बांग्लादेश के बीच बेहतर कनेक्टिविटी, सीमा व्यापार, रेलवे और बंदरगाह सहयोग ने भी दोनों देशों के व्यापार को नई गति दी है। इसके अलावा मुक्त व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग से जुड़े प्रयासों का भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, फरवरी महीने में बांग्लादेश के कुल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी 8.47 % रही। इस दौरान भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार का कुल मूल्य करीब 123 अरब दर्ज किया गया। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका 8.46% हिस्सेदारी के साथ भारत के बेहद करीब रहा। हालांकि, चीन ने 21 % से अधिक हिस्सेदारी के साथ बांग्लादेश के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार के रूप में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और बांग्लादेश के बीच बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों के पीछे भौगोलिक निकटता, कम परिवहन लागत और बेहतर कनेक्टिविटी अहम कारण हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, खाद्य उत्पाद, दवाइयों, कपड़ा और मशीनरी जैसे क्षेत्रों में व्यापार लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के दौरान दोनों देशों के रिश्तों में तनाव देखने को मिला था और व्यापारिक संबंधों पर भी इसका असर पड़ा था। लेकिन नई सरकार के गठन के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार दिखाई दे रहा है। इसका असर अब व्यापारिक आंकड़ों में भी साफ तौर पर नजर आने लगा है।
अमेरिकी बाजार की बदलती तस्वीर
बांग्लादेश सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, मई, अगस्त और दिसंबर 2025 में अमेरिका की हिस्सेदारी बांग्लादेश के कुल व्यापार में बढ़कर करीब 9.6 % तक पहुंच गई थी। वहीं, इसी दौरान भारत की हिस्सेदारी घटकर 8.09% रह गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव स्थायी नहीं था, बल्कि एक अस्थायी उतार-चढ़ाव था। इसके पीछे मुख्य वजह अमेरिका से आयात में अचानक आई तेजी को माना जा रहा है। खासकर कुछ विशेष उत्पादों और औद्योगिक सामानों की खरीद बढ़ने से उस समय अमेरिका का व्यापारिक हिस्सा बढ़ गया था।
इस बदलाव के पीछे 3 मुख्य कारण
अमेरिका से बढ़ा आयात
संयुक्त राज्य अमेरिका से बांग्लादेश ने हाल के महीनों में LPG, कपास और गेहूं जैसे उत्पादों का आयात बढ़ाया है। इसी वजह से कुछ महीनों में अमेरिका अस्थायी रूप से भारत से आगे निकल गया था। खासकर मई, अगस्त और दिसंबर 2025 के दौरान अमेरिका की व्यापारिक हिस्सेदारी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।








