रघुराज –
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बेहद हैरान कर देने वाली और बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आ रही है। रायपुर के औद्योगिक क्षेत्र उरला के मेटल पार्क में स्थित एक फूड फैक्ट्री में देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी जबरदस्त थी कि देखते ही देखते उसने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। आग की गगनचुंबी लपटें और धुएं का काला गुबार देखकर पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आस-पास के कारखानों और बस्तियों में रहने वाले लोगों के बीच डर और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमला और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर रवाना की गईं। तड़के सुबह तक की कड़ी मशक्कत के बाद दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक फैक्ट्री के भीतर रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर खाक हो चुका था।
देर रात हुआ हादसा और दमकल की 10 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उरला मेटल पार्क में स्थित भारतीय फूड फैक्ट्री में यह हादसा देर रात के वक्त हुआ। फैक्ट्री से अचानक धुआं और आग की लपटें निकलती देख सुरक्षाकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचित किया। आग की भयावहता को देखते हुए एक-एक कर दमकल की कुल 10 गाड़ियों को मौके पर बुलाया गया। आग इतनी तेजी से फैली कि दमकलकर्मियों को इसके प्रसार को रोकने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर पुलिस के आला अधिकारी और फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेने और राहत कार्य की निगरानी करने पहुंच गए थे। रातभर चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार तड़के सुबह करीब 5:30 बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां वापस लौटीं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका और सुरक्षा मानकों की अनदेखी
शुरुआती जांच और कयासों के मुताबिक, फैक्ट्री में आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। हालांकि, इस हादसे ने औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की पोल खोलकर रख दी है। सूत्रों और अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस फूड फैक्ट्री में आग से निपटने के लिए जो अनिवार्य फायर सेफ्टी उपकरण और सिस्टम होने चाहिए थे, वे वहां मौजूद नहीं थे। सुरक्षा के इन पुख्ता इंतजामों के न होने की वजह से आग ने इतनी जल्दी विकराल रूप ले लिया और इस पर तुरंत काबू पाना मुश्किल हो गया। फायर ब्रिगेड की विशेष टीम अब इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है कि फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा सुरक्षा नियमों का कितना उल्लंघन किया गया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
करोड़ों रुपये का भारी नुकसान और वर्तमान स्थिति
इस भीषण अग्निकांड में किसी जनहानि की खबर नहीं है, जो कि एक बड़ी राहत की बात है। लेकिन आर्थिक मोर्चे पर फैक्ट्री को बहुत बड़ा झटका लगा है। फैक्ट्री के भीतर रखी मशीनें, कच्चा माल और तैयार फूड प्रोडक्ट्स पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गए हैं। प्रारंभिक अनुमानों और आंकड़ों के मुताबिक, इस आगजनी के कारण फूड फैक्ट्री को करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। आग पर पूरी तरह काबू पा लिए जाने के बाद भी एहतियात के तौर पर फैक्ट्री परिसर में कूलिंग का काम जारी रखा गया ताकि मलबे के नीचे दबी किसी चिंगारी से दोबारा आग सुलगने का खतरा न रहे। उरला पुलिस और दमकल विभाग की टीमें नुकसान का सटीक आकलन करने और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।








