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मोर गांव-मोर पानी महाअभियान : ग्रामीणों को मिला रोजगार, किसानों को सिंचाई और आजीविका के स्थायी साधन

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बीजापुर संवाददाता – पुकार बाफना
मनरेगा से 294 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण, 2 लाख 14 हजार मानव दिवस सृजन , 166 डबरी बना आजीविका का साधन
बीजापुर,04जून2026/ राज्य शासन की मंशानुरूप जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। 24 अप्रैल 2025 से प्रारंभ इस महाअभियान के तहत जिला बीजापुर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से जल संरक्षण एवं संवर्धन संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जा रहा है।
अभियान के अंतर्गत जिले में लगभग 5.89 करोड़ रुपये की लागत से 294 से अधिक जल संरक्षण एवं जल संवर्धन संबंधी स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इनमें डबरी, खेत तालाब, गेबियन संरचना, चेकडैम, नाला उपचार, परकोलेशन टैंक तथा अन्य जल संचयन संरचनाएं शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों के निर्माण से वर्षा जल का प्रभावी संचयन हो रहा है तथा भू-जल स्तर में सुधार के लिए अनुकूल परिस्थितियां निर्मित हुई हैं। इन कार्यों से कुल 2 लाख 14 हजार से अधिक मानव दिवस सृजित हुए।
महाअभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हुआ है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हुई है।
जल संरक्षण के कार्यों से आजीविका संवर्धन
जिले में हुए जल संरक्षण संरचनाओं से किसानों को सिंचाई सुविधा प्राप्त होने लगी है, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ने और अतिरिक्त फसल लेने की संभावनाएं सशक्त हुई हैं। वहीं 166 हितग्राहियों के डबरी निर्माण पूर्ण होने से इनको स्थायी आजीविका का साधन मिल गया है।
जल संरक्षण कार्यों का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण आजीविका पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।जिले के  किसान अब सब्जी उत्पादन, बागवानी, मत्स्य पालन तथा अन्य आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे ग्रामीण परिवार आर्थिक रूप से अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
 यह महाअभियान जल संरक्षण के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के सतत प्रबंधन और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। जनभागीदारी आधारित यह अभियान भविष्य में जल सुरक्षा, कृषि समृद्धि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की मजबूत आधारशिला बनेगा।

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