कोण्डागांव संवाददाता – विनीत पिल्लई
बड़ेराजपुर / कोण्डागांव – कोपरा। गढ़ कोपरा मुख्यालय स्थित पालीग्राम कोपरा में मां दंतेश्वरी माई की पूजा-अर्चना के साथ सामाजिक कार्यक्रम एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारियों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं एवं विभिन्न पालीग्रामों से आए ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां दंतेश्वरी माई की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अठारह गढ़ अध्यक्ष लतेलराम नाईक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में कलेक्टर सम्मान प्राप्त पदुम सिंह एल्मा, सामान्य प्रकोष्ठ गढ़ अध्यक्ष अमर सिंह मांझी, गढ़ संरक्षक चमरूराम मांझी, झाड़ूराम जमधर, अठारह गढ़ कर्मचारी प्रकोष्ठ सचिव महेंद्र कश्यप, संभागीय कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष भुनेश्वर, पंजीयन शाखा गढ़ कोपरा के ऋषि नागवंशी पुजारी, संभागीय कोषाध्यक्ष लखमुराम राना, कर्मचारी प्रकोष्ठ गढ़ अध्यक्ष रोमनाथ राना सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा गढ़ उपाध्यक्ष बासुराम पुजारी, सह सचिव रोहित सोम, कोषाध्यक्ष भुवनलाल नाग, उप कोषाध्यक्ष दयासिंधु राना, कर्मचारी प्रकोष्ठ सचिव चमार सिंह कुदराम, युवा प्रकोष्ठ गढ़ अध्यक्ष गुमान सिंह मांझी, उपाध्यक्ष भरत घरत, सचिव चैतमल समरथ, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष मंद्रिका समरथ, सचिव राधा पुजारी सहित विभिन्न पालीग्रामों के प्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
बैठक में समाज के विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। गढ़ स्तर पर प्राप्त शिकायतों और पूछताछ के आधार पर डीजे प्रतिबंध संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामलों की समीक्षा की गई। जांच में पालीग्राम माकड़ी, बांसकोट एवं कौन्दकेरा को सामाजिक नियमों के विरुद्ध डीजे बजाने का दोषी पाए जाने पर समाज की ओर से निर्धारित सहयोग राशि जमा कराने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान गढ़ कोपरा की वार्षिक आय-व्यय तथा सामान्य प्रकोष्ठ एवं कर्मचारी प्रकोष्ठ के वित्तीय विवरण की जानकारी भी समाज के सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही समाज की एकता, संगठन की मजबूती तथा आगामी सामाजिक गतिविधियों को लेकर विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
कार्यक्रम में विभिन्न पालीग्रामों से आए युवा-युवतियों, महिलाओं एवं ग्रामीणों सहित लगभग 400 से 500 लोगों की उपस्थिति रही। अंत में समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सामाजिक परंपराओं एवं नियमों के पालन पर जोर देते हुए समाज हित में सामूहिक रूप से कार्य करने का आह्वान किया।








