मदकूद्वीप की पावन धरा पर आयोजित मासिक श्रीमद्भागवत कथा यात्रा अपने भव्य एवं दिव्य स्वरूप के साथ 23वें दिन में प्रवेश कर गई। इस अवसर पर पूरा वातावरण भक्तिरस और कृष्ण-प्रेम से सराबोर हो उठा, मानो साक्षात गोलोक धरा पर उतर आया हो।

राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त, रससिद्ध कथा वाचक परम पूज्य पंडित श्री कृष्णचन्द्र दुबे (पाराशर जी) के मुखारविंद से प्रवाहित श्रीमद्भागवत कथा ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए भावपूर्ण पद-गायन और कथा प्रसंगों ने उपस्थित भक्तों के हृदय में भक्ति और आनंद की अद्भुत अनुभूति उत्पन्न की।

भव्य नौका विहार मनोरथ का आयोजन
कथा के उपरांत लहरों की मधुर कल-कल ध्वनि के बीच संतों एवं भक्तजनों की उपस्थिति में भव्य “नौका विहार मनोरथ” का आयोजन किया गया। इस दिव्य दृश्य को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं भगवान श्रीकृष्ण अपने भक्तों के साथ यमुना तट पर क्रीड़ा कर रहे हों।

इस आयोजन ने श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक आनंद और भाव-विभोरता से भर दिया।
आयोजक मंडल
इस पावन कथा यात्रा के आयोजक अनंत श्री विभूषित संत श्री रामरूपदास महात्यागी (रामाश्रय), मदकूद्वीप, छत्तीसगढ़ रहे।







