विधानसभा में आरक्षित सीटों को खत्म करने की मांग पर प्रदर्शन जारी, सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ भी बढ़ रहा आक्रोश
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में शरणार्थियों के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों को समाप्त करने की मांग को लेकर शुरू हुआ आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई दिनों से जारी टकराव में मृतकों की संख्या बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया है।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठनों का आरोप है कि विधानसभा में शरणार्थियों के लिए आरक्षित सीटें स्थानीय जनता के राजनीतिक अधिकारों को प्रभावित करती हैं। इसी मुद्दे को लेकर विभिन्न शहरों में बंद, धरना और विरोध मार्च आयोजित किए जा रहे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई स्थानों पर हिंसक झड़पें हुईं। हाल के दिनों में रावलाकोट समेत अन्य क्षेत्रों में गोलीबारी और बल प्रयोग की घटनाओं ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। कई मानवाधिकार संगठनों ने भी कार्रवाई पर चिंता जताई है और संवाद के जरिए समाधान निकालने की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन के केंद्र में 12 आरक्षित सीटों का मुद्दा है, जिन्हें लेकर स्थानीय संगठनों का कहना है कि इन सीटों पर ऐसे उम्मीदवार चुनाव लड़ते हैं जो क्षेत्र में निवास नहीं करते। आंदोलनकारी इसे राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ा बड़ा सवाल बता रहे हैं।
उधर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है तथा बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालात को देखते हुए क्षेत्र के कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।








