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डॉयल-112 की त्वरित सहायता से दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र की आदिवासी प्रसूता को समय पर मिला उपचार

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पेंड्रा संवाददाता दीपक कश्यप
जीपीएम.दिनांक 16 जून 2026।
छत्तीसगढ़ डॉयल-112 सेवा एक बार फिर मानवता और संवेदनशील पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाली एक आदिवासी प्रसूता की सहायता के लिए तत्परता से पहुंची।
दिनांक 15.06.2026 को रात्रि 10:09 बजे ग्राम भैसाजरा, ग्राम पंचायत जोगीसार निवासी सुकलाल सिंह द्वारा डॉयल-112 में कॉल कर अपने पड़ोसी की प्रसव पीड़ा के संबंध में तत्काल सहायता मांगी गई। सूचना प्राप्त होते ही ईआरवी गौरेला फाल्कन-1 को मौके के लिए रवाना किया गया।
इवेंट प्राप्त होने पर ईआरवी में तैनात आरक्षक क्रमांक 143 रामदयाल आयाम एवं चालक लुपेंद्र कुमार तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुए। ग्राम तक पहुंचने का मार्ग अत्यंत दुर्गम एवं जंगली होने के कारण वाहन को गांव से लगभग 2 किलोमीटर पहले रोकना पड़ा। इसके बाद डॉयल-112 टीम पैदल गांव पहुंची और प्रसूता शांति बाई मार्को, पति मानसिंह मार्को, उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम भैसाजरा को उनके परिजनों के सहयोग से खाट में लिटाकर लगभग 2 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य मार्ग तक लाई।
इसके पश्चात प्रसूता को डॉयल-112 वाहन से सुरक्षित जिला अस्पताल गौरेला पहुंचाया गया, जहां उन्हें उपचार हेतु भर्ती कराया गया। डॉयल-112 टीम की त्वरित प्रतिक्रिया, कर्तव्यनिष्ठा एवं मानवीय संवेदनशीलता के कारण प्रसूता को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो सकी।
डॉयल-112 की इस सराहनीय कार्यवाही की क्षेत्रवासियों एवं प्रसूता के परिजनों द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस आमजन की सुरक्षा एवं सहायता के लिए हर परिस्थिति में तत्पर है।

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