संवाददाता – जवाहर यादव
एमसीबी/भरतपुर ब्रेकिंग:
एमसीबी जिले के भरतपुर वनांचल क्षेत्र अंतर्गत कोटा ढोल थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां एक महिला द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने के बाद परिजनों ने पुलिस प्रताड़ना को इसकी वजह बताते हुए थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
परिजनों के अनुसार मृतका फुलमतिया (45 वर्ष), पति तुलसीराम बालद, निवासी निरहुआ पारा, ग्राम कार्चा का 24 जून 2026 को ग्राम गिढेर निवासी सुषमा, समईलाल और रामलाल की पत्नी के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने जैसी घटना हुई।
विवाद की सूचना मिलने पर 112 पुलिस दोनों पक्षों को कोटा ढोल थाना लेकर पहुंची। परिजनों का आरोप है कि थाने में मौजूद टीआई, मुंशी एवं अन्य पुलिस स्टाफ ने मृतका और उसके पति के साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया तथा उन्हें धमकाते हुए कहा कि शाम तक उनका चालान कर दिया जाएगा।
परिजनों का कहना है कि इसी दौरान कोटा ढोल निवासी वरवेंद्र सिंह थाने पहुंचे और पुलिस से तत्काल कार्रवाई नहीं करने तथा अगले दिन सुबह दोनों पक्षों को बुलाकर कार्रवाई करने का अनुरोध किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों को घर छोड़ते हुए अगले दिन सुबह 10 बजे थाने उपस्थित होने के लिए कहा और चालान किए जाने की बात दोहराई।
मृतका के परिजनों का आरोप है कि थाने से लौटने के बाद फुलमतिया काफी डरी हुई और मानसिक रूप से परेशान थी। वह पूरी रात रोती रही और बार-बार यही कहती रही कि “कल मेरा चालान हो जाएगा।” परिजनों का दावा है कि पुलिस कार्रवाई के भय और कथित प्रताड़ना से आहत होकर महिला ने अगले दिन सुबह करीब 7 बजे गांव के पास नाले की ओर जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटना के बाद परिजनों ने कोटा ढोल थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस की प्रताड़ना और मानसिक दबाव के कारण ही महिला ने आत्मघाती कदम उठाया। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की जांच के बाद ही आत्महत्या के वास्तविक कारणों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।








