रघुराज/रायपुर, छत्तीसगढ़। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर चीज सच नहीं होती। इसी का फायदा उठाकर लोगों को चूना लगाने वाले एक शातिर ठग को छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर आकर्षक रील और वीडियो बनाकर भोले-भाले लोगों को घर बैठे लखपति बनने का सपना दिखाता था और उनसे लाखों रुपये ऐंठ लेता था। पुलिस की इस कार्रवाई से एक बड़े रील घोटाले का पर्दाफाश हुआ है।
पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी का नाम शैलेंद्र रजक है। यह व्यक्ति माथे पर तिलक-चंदन लगाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर वीडियो पोस्ट करता था। इसका मुख्य मकसद रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को अपने जाल में फंसाना था। वह अपनी रील्स में विभिन्न प्रकार की मशीनें जैसे दोना-पत्तल बनाने की मशीन, रुई बत्ती बनाने की मशीन, झाड़ू और टेडी बियर बनाने की मशीनें दिखाता था। वीडियो में वह दावा करता था कि इन मशीनों को घर में लगाकर कोई भी व्यक्ति हर दिन 500 से 2000 रुपये या फिर महीने के 40 से 90 हजार रुपये तक आसानी से कमा सकता है। उसके इन वीडियो को सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज मिलते थे, जिससे लोग आसानी से उसके झांसे में आ जाते थे।
शैलेंद्र रजक लोगों का भरोसा जीतने के लिए एक खास तरह का बिजनेस मॉडल बताता था। वह कहता था कि आप मुझसे मशीन खरीद लीजिए। इसके लिए कच्चा माल भी वही देगा और मशीन में खराबी आने पर एक साल तक तकनीशियन की सेवा भी मुफ्त मिलेगी। सबसे बड़ा प्रलोभन यह था कि मशीन से तैयार होने वाले माल को बाजार में बेचने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि वह खुद उस तैयार माल को अच्छे मुनाफे के साथ वापस खरीद लेगा। इस झांसे में आकर कई बेरोजगारों, महिलाओं और यहां तक कि दिव्यांगों ने भी अपनी जमा-पूंजी लगा दी। किसी ने अपनी जमीन बेचकर तो किसी महिला ने अपने साढ़े चार लाख रुपये के सोने के जेवर गिरवी रखकर शैलेंद्र को पैसे दे दिए ताकि वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर सकें।
धोखाधड़ी का यह खेल तब सामने आया जब कई महीने बीत जाने के बाद भी लोगों को मशीनें नहीं मिलीं। जिन कुछ लोगों को मशीनें मिलीं, उन्हें कच्चा माल नहीं दिया गया। और जिन लोगों के पास मशीन और कच्चा माल दोनों पहुंच गया और उन्होंने प्रोडक्ट तैयार कर लिया, तो आरोपी ने उनका तैयार माल वापस खरीदने से साफ मना कर दिया। इसके बाद पीड़ितों को एहसास हुआ कि वे एक बड़े घोटाले का शिकार हो चुके हैं। परेशान होकर 26 जून को अलग-अलग जिलों से आए पीड़ितों ने रायपुर के डीडी नगर थाने में इकट्ठा होकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलते ही डीडी नगर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए आरोपी शैलेंद्र रजक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह ठगी लगभग एक से डेढ़ करोड़ रुपये की लग रही है। जैसे-जैसे नए पीड़ित सामने आ रहे हैं, ठगी का यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस को यह भी आशंका है कि छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी इस शातिर ठग का शिकार हुए हो सकते हैं, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है। सोशल मीडिया पर इस कंपनी का प्रचार करने के लिए कुछ लोकल इन्फ्लुएंसर्स का भी सहारा लिया गया था, जिन्होंने मामला सामने आने के बाद अपने प्लेटफॉर्म से वे वीडियो हटा दिए हैं।
इस पूरी घटना के सामने आने के बाद पुलिस और विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी बातें साझा की हैं। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया टूल्स का उपयोग करके कोई भी फर्जी वीडियो बना सकता है जो दिखने में बिल्कुल असली लगता है। इसलिए इंटरनेट या किसी ऐप पर दिखने वाले विज्ञापनों और लुभावने ऑफर्स पर आंख बंद करके भरोसा न करें। यदि कोई आपको बहुत कम समय में या घर बैठे बिना किसी मेहनत के अमीर बनने का सपना दिखाता है, तो वहां सावधान हो जाएं। किसी भी कंपनी में पैसा लगाने या मशीन खरीदने से पहले उसके दफ्तर और बैकग्राउंड की जांच कम से कम दस अलग-अलग स्तरों पर जरूर करें। अपने आस-पास के पढ़े-लिखे या तकनीकी समझ रखने वाले लोगों से सलाह लें। अगर आप सतर्क नहीं रहेंगे, तो आपकी जीवनभर की कमाई पल भर में गायब हो सकती है। ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर ही आगे बढ़ें और ऐसे सोशल मीडिया के ठगों से हमेशा दूरी बनाकर रखें।








