देशभर के करोड़ों मोबाइल यूजर्स को अगले कुछ महीनों में बड़ा झटका लग सकता है. सेंट्रम इंस्टीट्यूशनल रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 3 से 4 महीनों में मोबाइल रिचार्ज और इंटरनेट प्लान 12 से 15 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं.
अगर टैरिफ में बढ़ोतरी होती है तो इसका सीधा असर करोड़ों प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा. रिपोर्ट में कहा गया है कि टेलीकॉम सेक्टर में प्रतिस्पर्धा कम होने और बाजार के सीमित खिलाड़ियों के हाथ में आने से कंपनियों के लिए कीमतें बढ़ाने की स्थिति बन गई है.
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय टेलीकॉम सेक्टर में अब मुख्य रूप से रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन-आइडिया (Vi) और सरकारी कंपनी बीएसएनएल (BSNL) ही प्रमुख खिलाड़ी हैं. निजी क्षेत्र में सिर्फ तीन कंपनियां बची हैं, जिससे बाजार पहले की तुलना में काफी सिमट गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि कम प्रतिस्पर्धा के कारण कंपनियां अब टैरिफ बढ़ाने का फैसला ले सकती हैं.
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के मई 2026 के आंकड़ों के अनुसार, रिलायंस जियो देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बनी हुई है. उसके 52.96 करोड़ ग्राहक हैं. इसके बाद भारती एयरटेल के 37.61 करोड़ ग्राहक हैं. वोडाफोन-आइडिया के पास 12.92 करोड़ और बीएसएनएल के 2.75 करोड़ ग्राहक हैं. ग्राहक संख्या के लिहाज से जियो और एयरटेल की बाजार में सबसे मजबूत स्थिति है.
सेंट्रम की रिपोर्ट के मुताबिक, जून तिमाही में देश की तीनों निजी टेलीकॉम कंपनियों – जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया की एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) में तिमाही आधार पर 1 से 1.5 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है. ARPU वह औसत राशि होती है, जो एक कंपनी अपने प्रत्येक ग्राहक से कमाती है. टैरिफ बढ़ने और महंगे प्लान लेने वाले ग्राहकों की संख्या बढ़ने से कंपनियों की कमाई में सुधार होने की संभावना है.








