-घरों में नहीं चल रहे विद्युत उपकरण, नल-जल योजना प्रभावित, बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त
संवाददाता युसूफ खान/कुसमी बलरामपुर –
कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत टाटीझरिया में लंबे समय से बनी लो-वोल्टेज (कम वोल्टेज) की समस्या अब ग्रामीणों के लिए गंभीर संकट बन चुकी है। बिजली आपूर्ति होने के बावजूद पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सबसे अधिक असर पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है, जहां नल-जल योजना के मोटर कम वोल्टेज के कारण सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि ग्रामीणों को पीने का पानी लाने और बर्तन धोने के लिए ढोढ़ी (प्राकृतिक जलस्रोत) का सहारा लेना पड़ रहा है।
गांव की लगातार बिगड़ती स्थिति को देखते हुए ग्राम पंचायत टाटीझरिया के सरपंच व कुसमी सरपंच संघ के अध्यक्ष संतोष इंजीनियर ने 7 जुलाई को छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) के सहायक अभियंता, वितरण केंद्र कुसमी को लिखित आवेदन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप करने और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।
वर्षों से बनी हुई है समस्या, नहीं मिला स्थायी समाधान
प्राप्त जानकारी के अनुसार टाटीझरिया पंचायत के लगभग सभी वार्ड लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। बिजली तो रहती है, लेकिन वोल्टेज इतना कम होता है कि अधिकांश विद्युत उपकरण केवल नाममात्र के लिए चलते हैं या बिल्कुल भी काम नहीं करते।
पेयजल संकट गहराया, ढोढ़ी से भर रहे पीने का पानी
कम वोल्टेज का सबसे गंभीर असर गांव की पेयजल व्यवस्था पर पड़ा है। नल-जल योजना के तहत लगाए गए मोटर पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलने के कारण पानी नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे कई मोहल्लों में नियमित जलापूर्ति बाधित हो गई है। मजबूरी में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे गांव की ढोढ़ी से पीने का पानी भरकर घर ला रहे हैं। इसी पानी का उपयोग बर्तन धोने सहित अन्य घरेलू कार्यों में भी किया जा रहा है। बरसात के मौसम में प्राकृतिक जलस्रोत का पानी उपयोग करना स्वास्थ्य की दृष्टि से भी चिंता का विषय माना जा रहा है।
घरेलू उपकरण बने शोपीस
यह भी जानकारी सामने आई हैं की कम वोल्टेज के कारण पंखे, कूलर, फ्रिज, पानी की मोटर, मिक्सर और अन्य घरेलू उपकरण ठीक से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उमस भरे मौसम में पंखे पर्याप्त गति से नहीं चलने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार बिजली होने के बावजूद उसका लाभ नहीं मिल पाता।
विद्यार्थियों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
लो-वोल्टेज की समस्या का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी साफ दिखाई दे रहा है। शाम और रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं मिलने के कारण छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में कठिनाई होती है। मोबाइल चार्ज करने में भी दिक्कत आती है, जिससे ऑनलाइन अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरपंच ने विद्युत विभाग को लिखा पत्र
ग्राम पंचायत टाटीझरिया के सरपंच संतोष इंजीनियर ने सहायक अभियंता, सीएसपीडीसीएल कुसमी को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि पंचायत के सभी वार्डों में लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है। इसके कारण ग्रामीणों का सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है तथा पेयजल व्यवस्था भी बाधित है। उन्होंने विभाग से संपूर्ण विद्युत वितरण व्यवस्था, बिजली लाइनों एवं ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण कर आवश्यक तकनीकी सुधार करने तथा पर्याप्त वोल्टेज के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने दी शीघ्र कार्रवाई की चेतावनी
टाटीझरिया के सरपंच व कई ग्रामीणों का कहना हैं की यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पेयजल संकट और गहरा सकता है। लोगों ने विद्युत विभाग से गांव का तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की है। वहीं बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का लाभ उन्हें पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
क्या कहते हैं सरपंच
संतोष इंजीनियर, सरपंच संघ अध्यक्ष व सरपंच, ग्राम पंचायत टाटीझरिया ने कहा कि पंचायत के सभी वार्ड लंबे समय से कम वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। बिजली का वोल्टेज पर्याप्त नहीं मिलने से नल-जल योजना प्रभावित हो गई है और ग्रामीणों को ढोढ़ी से पानी भरना पड़ रहा है। इस संबंध में विद्युत विभाग को लिखित आवेदन देकर शीघ्र निरीक्षण एवं स्थायी समाधान की मांग की गई है।








