Home चर्चा में बरसात में शुरू कराया नाली निर्माण, भूमि विवाद के बाद काम ठप

बरसात में शुरू कराया नाली निर्माण, भूमि विवाद के बाद काम ठप

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-अधूरे गड्ढे और मलबे के बीच जान जोखिम में डालकर चलने को मजबूर वार्डवासी,

-18 मई को जारी हुआ था कार्यादेश, डेढ़ माह बाद शुरू हुआ 6 लाख का निर्माण; तहसील के स्थगन आदेश के बाद रुका काम, सुरक्षा इंतजाम न होने से हादसे की आशंका

 

संवाददाता युसूफ खान/कुसमी। नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 11 में करीब 6 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन नाली का कार्य इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि परेशानी का कारण बन गया है। बरसात की शुरुआत में निर्माण कार्य प्रारंभ किए जाने, फिर भूमि विवाद के चलते कार्य बीच में ही बंद हो जाने और निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने से वार्डवासियों के साथ-साथ इस मार्ग से प्रतिदिन गुजरने वाले राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अधूरी खुदाई, सड़क पर फैला मलबा और बारिश के पानी से भरे गड्ढे अब किसी बड़े हादसे को भी आमंत्रित करते दिखाई दे रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 11 में तहसिम के घर से केरकेट्टा के घर तक लगभग 100 मीटर लंबी नाली का निर्माण लगभग 6 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। निर्माण कार्य का ठेका मेंसर्स अनिल कुमार गुप्ता, अंबिकापुर को दिया गया है। नगर पंचायत द्वारा इस कार्य के लिए 18 मई 2026 को कार्यादेश जारी कर दिया गया था, लेकिन लगभग डेढ़ माह तक निर्माण शुरू नहीं कराया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार्यादेश जारी होने के बाद समय पर निर्माण प्रारंभ कर दिया जाता तो बरसात आने से पहले कार्य पूरा हो सकता था और लोगों को वर्तमान स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

बरसात में शुरू हुआ निर्माण, अब अधूरा काम बना परेशानी की वजह

स्थानीय लोगों के अनुसार बरसात शुरू होने के ठीक पहले नाली निर्माण के लिए सड़क किनारे खुदाई कर दी गई। कुछ हिस्से में कार्य हुआ, लेकिन इसी बीच भूमि विवाद सामने आने के बाद निर्माण पूरी तरह बंद हो गया। परिणामस्वरूप नाली के लिए खोदे गए गड्ढे खुले पड़े हैं और खुदाई से निकला मलबा मार्ग पर फैला हुआ है। बारिश के कारण पूरे क्षेत्र में कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। लोगों को रोजाना इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से परेशान हैं, जबकि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

एक वर्ष से की जा रही थी मांग, समय पर नहीं जागा प्रशासन : सोमनाथ भगत

वार्ड क्रमांक 11 के पूर्व पार्षद सोमनाथ भगत ने नगर पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले लगभग एक वर्ष से वे नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को इस स्थान पर नाली निर्माण की आवश्यकता से लगातार अवगत कराते रहे हैं। उनका कहना है कि बरसात के समय यहां नाली जाम हो जाती है, जिससे पानी सड़क के ऊपर से बहने लगता है और पूरे मोहल्ले के लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि नगर पंचायत ने समय रहते निर्माण कार्य शुरू कर दिया होता तो बरसात आने से पहले कार्य पूरा हो सकता था। लेकिन बरसात के समय निर्माण शुरू करने का निर्णय पूरी तरह अव्यवहारिक साबित हुआ। अब कार्य रुक जाने से लोगों को अधूरे निर्माण और गड्ढों के बीच आवागमन करना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति के लिए नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं नगर पंचायत अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया है।

खुले गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता, सुरक्षा के इंतजाम नदारद

निर्माण कार्य बंद होने के बाद नाली के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे अब किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यस्थल पर सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। न तो बैरिकेडिंग की गई है, न चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही रात के समय किसी प्रकार की रिफ्लेक्टर या संकेतक की व्यवस्था की गई है। बरसात के कारण कई गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे उनकी वास्तविक गहराई दिखाई नहीं देती। ऐसे में रात के समय या तेज बारिश के दौरान इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए हमेशा दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। यदि समय रहते सुरक्षा के उपाय नहीं किए गए तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

भूमि विवाद के चलते तहसील ने लगाई रोक

नगर पंचायत कुसमी के उप अभियंता अभिषेक एक्का ने बताया कि नाली निर्माण कार्य वर्तमान में स्थगित है। उन्होंने बताया कि मुंशी पिता बिगन द्वारा तहसील कार्यालय कुसमी में आपत्ति प्रस्तुत किए जाने के बाद 30 जून 2026 को तहसील कार्यालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया। आदेश में उल्लेख किया गया है कि ग्राम कुसमी स्थित खसरा क्रमांक 347, रकबा 0.3400 हेक्टेयर की भूमि पर किए जा रहे निर्माण से विवाद उत्पन्न होने तथा आवेदक को अपूरणीय क्षति होने की संभावना है। इसी कारण निर्माण कार्य पर रोक लगाई गई है।

16 जुलाई तक मांगा गया नगर पंचायत से जवाब

प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील कार्यालय कुसमी ने 16 जुलाई 2026 को नगर पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से इस मामले में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और उसी के आधार पर निर्माण कार्य को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

चर्चा का विषय बना मामला

वार्डवासियों का कहना है कि यदि कार्यादेश 18 मई को जारी हो चुका था, तो निर्माण कार्य समय पर क्यों नहीं कराया गया..? निर्माण शुरू करने से पहले भूमि संबंधी विवादों का निराकरण क्यों नहीं किया गया..? बरसात के मौसम में निर्माण प्रारंभ करने का निर्णय किस आधार पर लिया गया..? यदि विवाद पहले से मौजूद था तो निर्माण एजेंसी को कार्य शुरू करने की अनुमति क्यों दी गई..? इस प्रशासनिक लापरवाही और समन्वय की कमी के कारण विकास कार्य अधर में लटक गया है, जबकि इसका खामियाजा आम नागरिक भुगत रहे हैं।

उक्त विषय पर नगर पंचायत कुसमी मुख्य नगर पालिका —

अधिकारी अरविंद विश्वकर्मा ने कहा आज हि नाली की सफाई की गई है ताकि जमा पानी पार हो सके,16 तारीख को कुसमी तहसील में पेशी की तारीख है इसके बाद आगे का निराकरण किया जाएगा।

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